एफटीए के विरोध में सौंपा गया ज्ञापन
अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता निरस्त करने,जर्जर सड़कों के निर्माण की रखी मांग

भरथना,इटावा। भारत बचाओ मोर्चा एवं भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के पदाधिकारियों ने बुधवार को उपजिलाधिकारी भरथना के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं जिलाधिकारी इटावा के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। पहले ज्ञापन में भारत-अमेरिका के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध करते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई, जबकि दूसरे ज्ञापन में क्षेत्र की दो प्रमुख जर्जर सड़कों के निर्माण की मांग उठाई गई।
भारत बचाओ मोर्चा की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि यदि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता वर्तमान स्वरूप में लागू किया गया तो विदेशी कंपनियों के कृषि एवं औद्योगिक उत्पाद भारतीय बाजार में बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। इससे किसानों,खेत मजदूरों,पशुपालकों,छोटे व्यापारियों,लघु एवं कुटीर उद्योगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ज्ञापन में मांग की गई कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों, व्यापारिक संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए तथा भारतीय कृषि,दुग्ध उत्पादन,पशुपालन और एमएसएमई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
वहीं,भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) के जिलाध्यक्ष विवेक यादव ‘सिंटू’ ने जिलाधिकारी के नाम दिए गए ज्ञापन में क्षेत्र की दो प्रमुख सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि साम मेढ़ी दुधी से इकदिल रेलवे स्टेशन तथा मेढ़ी दुधी रेलवे स्टेशन मार्ग से कुंअरपुर, नगला पूठ,नगला ठकुरी, बिरारी होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग एएच-1 तक जाने वाली सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि इन मार्गों से करीब 25 गांवों की लगभग 25 हजार आबादी प्रतिदिन आवागमन करती है। किसान इन्हीं रास्तों से अपनी उपज मंडी समिति और कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचाते हैं,जबकि छात्र-छात्राएं और अन्य लोग जिला मुख्यालय भी इसी मार्ग से आते-जाते हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन ट्रैक्टर और स्कूली वाहन फंस जाते हैं तथा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
किसान यूनियन ने प्रशासन से दोनों सड़कों का शीघ्र निर्माण कराने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी करने की मांग की,ताकि क्षेत्र के किसानों,विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।



