शहादत दिवस: शहीद अब्दुल हमीद को दो फूल नहीं हुए नसीब

युद्ध में अब्दुल हमीद ने पाकिस्तान के आठ टैंक उड़ाए

भरथना,इटावा। भारत के परमवीर चक्र पदक से सम्मानित शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत दिवस से बुधवार को शासन प्रशासन बेखबर बना रहा जिसके चलते परमवीर चक्र पदक से सम्मानित शहीद वीर अब्दुल हमीद की भरथना के जवाहर रोड चौराहे पर स्थापित प्रतिमा को दो फूल तक नसीब नहीं हुए।

इसके अलावा शासन प्रशासन ने उनकी शहादत दिवस पर नगर में स्थापित इकलौती उनकी प्रतिमा की रंगाई पुताई करना तो दूर साफ सफाई आदि कलई का छिड़काव करना उचित नहीं समझा।

मजे की बात यह रही कि क्षेत्र के किसी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिमा पर दो फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना मुनासिब नहीं समझा।
प्रत्यक्षदर्शी युवा समाजसेवी उक्त वार्ड के सभासद रहे जनाब निहालुद्दीन ने बताया कि परमवीर चक्र पदक से सम्मानित शहीद अब्दुल हमीद साहब की प्रतिमा उनकी शहादत के दिन बुधवार की सुबह से रात्रि 12 बजे तक दो फूल के लिए तरसती रही।

जबकि वीर अब्दुल हमीद साहब ने बर्ष 1965 के पाकिस्तान से युद्ध में पाकिस्तानियों के 8 टैंको टैंकों को ध्वस्तकर दुश्मन देश के छक्के छुड़ा दिए थे,

और वे दुश्मनों के 9वें टैंक को ध्वस्त करने के लिए खुद बारूद लेकर अपनी जान की परवाह किए बगैर पाकिस्तान के नौवें टैंक पर कूद पड़े और देश की खातिर उन्होंने अपनी कुर्बानी देदी थी।

जनाब निहालुद्दीन ने बताया विगत 7 वर्ष पहले पूर्व कार्यकाल में पालिका अध्यक्ष रही श्रीमति रंजना यादव ने परमवीर चक्र पदक सम्मानित वीर अब्दुल हमीद साहब की प्रतिमा स्थापित कराई थी।

Related Articles

Back to top button