विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, दहेज हत्या का आरोप

महराजगंज, रायबरेली। इसे हैवानियत कहे या लालच की पराकाष्ठा चंद रुपयों और सामान की लालच ने एक हंसती-खेलती बेटी को दहेज की बलि बेदी पर चढ़ा दिया। कोतवाली क्षेत्र के मकरंदपुर मजरे जमुरावा गांव में तीन साल पहले ब्याह कर आई एक २१ वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर पति, ससुर और ननदों ने मिलकर उनकी बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पूरे देवरी ओया थाना चंदापुर के रहने वाले संत प्रसाद यादव ने अपनी भतीजी की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मकरंदपुर निवासी राम बहादुर यादव के पुत्र राजबहादुर के साथ तय की थी। शादी के समय परिवार ने अपनी हैसियत और सामर्थ्य के मुताबिक दान-दहेज देकर बेटी को विदा किया था। लेकिन ससुराल पक्ष के लालच का पेट इतने से नहीं भरा।

तानों से शुरू हुआ सिलसिला हत्या में बदला

मृतका के चाचा संत प्रसाद यादव ने पुलिस को दी तहरीर में रोते हुए बताया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले कम दहेज का ताना देने लगे थे। ससुर रामदेव, पति राजबहादुर और दोनों ननदें मिलकर लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे और इसके लिए विवाहिता को शारीरिक व मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था। रविवार को इन लोगों के लालच ने सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि मांग पूरी न होने की खुन्नस में इन चारों ने मिलकर २१ वर्षीय विवाहिता को मौत के घाट उतार दिया।

सूचना पर पहुंचे परिजनों के उड़े होश

घटना की भनक लगते ही जब लड़की के मायके वाले आनन-फानन में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर के भीतर उनकी लाडली का शव बेजान पड़ा हुआ था। मायके पक्ष ने तुरंत इस खौफनाक वारदात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी जगदीश यादव ने बताया कि “मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर पति, ससुर और ननदों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है।

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