रेलवे की बंपर कमाई! लगातार चौथे साल तोड़े सारे रिकॉर्ड, रेवेन्यू जानकर उड़ जाएंगे होश

Indian Railways Revenue 2026: भारतीय रेलवे आज सिर्फ एक यात्री परिवहन का साधन नहीं रह गई है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देने वाला एक मजबूत इंजन बन चुकी है।

यात्री सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और माल ढुलाई पर किए जा रहे लगातार फोकस का असर अब रेलवे की बैलेंस शीट पर भी साफ दिखने लगा है। एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए, भारतीय रेलवे ने लगातार चौथे साल यात्री और माल ढुलाई के मोर्चे पर शानदार मुनाफा कमाया है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में रेलवे की कमाई के जो नए आंकड़े पेश किए हैं, वे भारत के इस सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की शानदार सफलता की गवाही दे रहे हैं।

करोड़ों के पार पहुंचा कुल रेवेन्यू

संसद में एक सवाल का विस्तृत लिखित जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि रेलवे की कमाई का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर जा रहा है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारतीय रेलवे का कुल रेवेन्यू 3.2 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹2,73,444 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अगर हम इसके पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो यह कमाई ₹2,65,004 करोड़ थी। यह आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसमें कोविड काल (2020-21 और 2021-22) की चुनौतियों से उबरकर रेलवे द्वारा की गई शानदार वापसी भी शामिल है, हालांकि रेल मंत्री ने बताया कि 2025-26 के फाइनल डेटा में मामूली बदलाव हो सकते हैं।

हर साल कैसे बढ़ती गई रेलवे की कमाई?

पिछले चार सालों का डेटा भारतीय रेलवे की इस ऐतिहासिक सफलता की पूरी कहानी बयां करता है। साल-दर-साल कुल रेवेन्यू में एक स्थिर और मजबूत बढ़त देखने को मिली है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में रेलवे का कुल रेवेन्यू ₹2,40,137 करोड़ था, जो अगले ही साल 2023-24 में तेजी से बढ़कर ₹2,55,366 करोड़ हो गया। इसके बाद ग्रोथ की यह लय कायम रही और 2024-25 में कुल रेवेन्यू ₹2,65,004 करोड़ तथा 2025-26 में ₹2,73,444 करोड़ तक पहुंच गया। इन लगातार चार वर्षों में रेलवे ने रेवेन्यू के मामले में अपने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

रेलवे की तिजोरी भरने में ‘माल ढुलाई’ का सबसे बड़ा हाथ

भारतीय रेलवे की इस बंपर कमाई का सबसे बड़ा क्रेडिट माल ढुलाई (Freight Operations) को जाता है, जो आज भी रेलवे के रेवेन्यू का सबसे प्रमुख स्रोत बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों पर गौर करें तो रेलवे ने सिर्फ माल ढुलाई से ही ₹1,73,450 करोड़ की जबरदस्त कमाई की है, जो उसके कुल रेवेन्यू का लगभग 63.4 प्रतिशत हिस्सा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह हिस्सेदारी लगभग 64.6% थी। माल ढुलाई से होने वाली कमाई के सफर को देखें तो यह FY 2022-23 के ₹1,62,263 करोड़, FY 2023-24 के ₹1,68,293 करोड़ और FY 2024-25 के ₹1,71,163 करोड़ से लगातार बढ़ते हुए इस साल एक नए शिखर पर पहुंच गई है।

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दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढुलाई संस्था बनी भारतीय रेलवे

रेवेन्यू के साथ-साथ माल ढुलाई की मात्रा (Freight Volume) में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां रेलवे ने 1,210 मिलियन टन (MT) माल की ढुलाई की थी, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा उस स्तर से लगभग 38% ज्यादा यानी 1,670 मिलियन टन (3.3% की सालाना बढ़त) तक पहुंच गया है। कोविड-19 महामारी के बाद से ही इस सेक्टर में लगातार ग्रोथ देखी गई है। FY 2020-21 में 1,233 MT, FY 2021-22 में 1,418 MT, FY 2022-23 में 1,512 MT, FY 2023-24 में 1,591 MT और FY 2024-25 में 1,617 MT माल ढुलाई की गई थी। इसी अचूक प्रदर्शन ने आज भारतीय रेलवे को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढोने वाली संस्था के रूप में वैश्विक स्तर पर स्थापित कर दिया है।

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