जानिए क्यों आपके वॉलेट में रखे नोट जल्दी नहीं फटते
Indian note manufacturing hindi: क्या भारतीय नोट कागज़ से बनते हैं? जानिए क्यों ये आम नोटों से ज़्यादा मजबूत होते हैं।

Indian note manufacturing: बहुत लोग यही मानते हैं कि भारतीय नोट कागज से बनते हैं मगर असलियत कुछ और ही है। अगर आपने कभी गौर किया हो तो नोट काफ़ी मज़बूत लगते हैं पानी पड़ जाए या जेब में मोड़े जाएं, फिर भी जल्दी खराब नहीं होते। तो आखिर ऐसा क्यों है?
कैसे बनते हैं भारतीय नोट (how currency note are made)
भारत में जो नोट चलते हैं, वे असल में कागज़ से नहीं बल्कि खास तरह के कपड़े से बनाए जाते हैं। इन नोटों में कपास (Cotton) और लिनन (Linen) का इस्तेमाल होता है। यही कारण है कि ये नोट साधारण कागज़ की तरह जल्दी फटते नहीं हैं और लम्बे समय तक चलते हैं।
भारतीय मुद्रा में इस्तेमाल होने वाला मटीरियल पूरी तरह से कपास और लिनन का मिश्रण होता है, इसलिए ये नोट गर्मी, नमी या पसीने से आसानी से खराब नहीं होते। इन्हें जेब में रखना, बार-बार मोड़ना या हल्का गीलापन झेलना ये सब इन नोटों को नुकसान नहीं पहुंचाते।
नकली नोट बनाना क्यों है कठिन
भारतीय नोटों को सुरक्षा देने के लिए कई लेयर होती हैं। इनमें वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड (सुरक्षा धागा), और इंटाग्लियो प्रिंटिंग जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। इन सभी सुरक्षा उपायों की वजह से नकली नोट बनाना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
कहां बनता है ये खास मटीरियल (Indian note material)
आपके हाथ में जो दस, बीस या 100 रुपए का नोट होता है, उसमें इस्तेमाल होने वाला कपड़ा और स्याही कोई आम जगह से नहीं आती। भारत सरकार की एक खास सुरक्षा कागज़ मिल (Security Paper Mill) में इसे तैयार किया जाता है, जो इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
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विदेशों में अब नोट कैसे
भारत अभी कपास-लिनन के नोट इस्तेमाल करता है मगर ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे कई देशों ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए पॉलिमर (Polymer) से नोट बनाना शुरू कर दिया है। ये प्लास्टिक जैसे दिखते हैं और सामान्य नोटों से कहीं ज़्यादा टिकाऊ होते हैं।



