EVM खत्म, बैलेट पेपर से होंगे चुनाव; INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग के सामने रखीं 3 सख्त शर्तें

INDIA Alliance Rally Ramlila Maidan: नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से काटे गए, जिसके कारण चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पहला कदम मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाना है और उन्हें अपने कार्यों के लिए कानूनी जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।

ये नेता रहे मौजूद

महारैली के आगाज से पहले विपक्षी नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। खुले वाहन में सवार होकर मैदान पहुंचे इन नेताओं का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच से आइसा प्रतिनिधि नेहा बोरा समेत विपक्षी दिग्गजों ने जनसमूह को संबोधित किया।

गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता खत्म होने का सीधा असर किसानों, युवाओं और आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का संघर्ष नफरत के खिलाफ है और वे देश में संवाद और भाईचारे की राजनीति चाहते हैं। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र पर चुनाव आयोग को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि कई राज्यों में जनादेश को प्रभावित किया गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान को ‘लोकतंत्र की हल्दीघाटी’ करार देते हुए कहा कि 2027 के चुनावों में जनता सत्तारूढ़ दल को सत्ता से बेदखल कर देगी।

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राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे वोट के अधिकार पर हमला बताया, जबकि महबूबा मुफ्ती ने संविधान की रक्षा के लिए जनता से एकजुट होने का आह्वान किया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दावा किया कि मतदाता सूचियों से करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। महारैली में कर्नाटक समेत कई राज्यों से आए कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची की लंबी प्रतियां दिखाकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में विसंगतियों का आरोप लगाया। इस विशाल रैली के जरिए विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और मतपत्र (बैलेट पेपर) से चुनाव कराने की साझा मांग दोहराई।

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