एसआईआर के नाम पर अधिकारी शिक्षकों पर बना रहे दबाव

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को ज्ञापन देकर की अधिकारियों से सही व्यवहार करने की मांग

रायबरेली। विशेष मतदाता पुनरीक्षण में शिक्षकों पर जबरदस्ती बनाए जा रहे दबाव पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। निर्वाचन आयोग द्वारा प्रारंभ किया गया विशेष मतदाता पुनरीक्षण देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्त्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उत्पन्न अनेक तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं ने से अत्यंत कठिन परिस्थितियों में पहुँचा दिया है।

जिला निर्वाचन अधिकारी को दिए ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षकों की ड्यूटी के रूप में लगा कर निर्वाचक नामावलियों के परिवर्धन, संशोधन, विलोपन एवं डाटा फीडिंग का कार्य शिक्षकों से कराया जाता है। अधिकारियों द्वारा भय का वातावरण बनाकर कार्य के अत्यधिक दबाव ,तकनीकी सुविधाओं की कमी है। इसके अलावा अवकाश के दिनों में जबरन विद्यालय खुलवाने से शिक्षकों में बढ़ता तनाव व अवसाद उन्हें गंभीर मानसिक बीमार बना रहा है। इस प्रकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक संस्थाओं के नैतिक मानदंडों के अनुरूप नहीं कही जा सकती।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक अवकाश निरस्त करके जबरन कार्य के लिए विवश किये जाने के कारण शिक्षकों पर कार्य के अत्यधिक बोझ व मानसिक दबाव में अवसाद ग्रसित होने से विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा भय, दवाव और दंडात्मक भाषा का प्रयोग करके अव्यावहारिक लक्ष्यों को अल्प समय में पूरा करने के दबाव में कई बीएलओ के वेतन रोकने, कारण बताओ नोटिस देने अथवा धमकी और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।

कार्य के दौरान उत्पन्न यह भययुक्त वातावरण निर्वाचन की गरिमा और शिक्षक समुदाय दोनों के सम्मान के विपरीत है।

जिला महामंत्री संजय कनौजिया ने कहा कि हम लोग मांग कर रहे हैं कि हम लोगों के साथ में सही व्यवहार अधिकारी द्वारा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य की अंतिम तिथि को पर्याप्त आगे तक बढ़ाया जाए, ताकि दबावमुक्त होकर कार्य को उद्देश्यपरक, बिल्कुल सही और गुणवत्तापूर्ण ढंग से सम्पन्न कर सके।

सहयोग हेतु शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है तो अवकाश के दिवसों में विद्यालय न खोले जाए। इसके अलावा अवकाश के दिवसों में विद्यालय खोले जाएं अथवा शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य कराया जाता है,तो उक्त दिवस का प्रतिकर अवकाश प्रदान किया जाए। शिक्षिकाओं के वांछित मातृत्व अवकाश एंव बाल्यकाल देखभाल अवकाश किसी भी स्थिति बाधित न किया जाए। अधिकारियों तथा ब्लॉक व तहसील के कार्मिकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे किसी भी प्रकार की धमकी, प्रताड़ना, अपमानजनक भाषा या दंडात्मक कार्यवाही से परहेज़ करें।

इस मौके पर जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह, हरिमोहन यादव, अविनाश सिंह, आनंद सिंह, पुनीत सिंह, अनुराग मिश्रा, अनूप सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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