लड़कियां ‘दाढ़ी और मूंछें’ उगती हैं, सिर्फ़ हॉर्मोन से नहीं बल्कि ये वजह भी होती है
hormonal imbalance in women: वर्तमान में स्किन से जुड़ी परेशानियां बहुत आम हो गई हैं। एक और परेशानी जो पूरी दुनिया में आम होती जा रही है, वह है लड़कियों में दाढ़ी या मूंछें आना, जिसे फेशियल हेयर कहते हैं। कई लड़कियां इसका इलाज करवा रही हैं। ऐसा अक्सर हार्मोनल इम्बैलेंस की वजह से होता है। हालांकि, यह अकेली वजह नहीं है। यह बदलती लाइफस्टाइल और फास्ट फूड के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से भी हो रहा है।
रशियन वेबसाइट इज़वेस्टिया के मुताबिक, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज़ और मिठाई जैसे फास्ट फूड में चीनी, नमक और ट्रांस फैट बहुत ज़्यादा होता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। यह इंसुलिन शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ता है और महिलाओं में मेल हार्मोन का लेवल बढ़ाता है। इससे लड़कियों में फेशियल हेयर बढ़ने लगते हैं। ये फास्ट फूड सीधे तौर पर हेयर ग्रोथ नहीं करते, बल्कि वज़न बढ़ाने और हार्मोनल इम्बैलेंस को बढ़ावा देते हैं, जिससे हेयर ग्रोथ होती है। ये बाल चेहरे, ठुड्डी या आइब्रो के आस-पास उगते हैं, जिसे मेडिकल टर्म में हिरसुटिज़्म कहते हैं।
ये समस्या कब बढ़ती है (hormonal imbalance symptoms in females in hindi)
रिपोर्ट के मुताबिक, पीरियड्स शुरू होने के बाद लड़कियों के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान फास्ट फूड, जंक फूड और फ्राइड फूड खाने से बाल बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है। मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और अनियमित खान-पान की आदतों से भी हिरसुटिज्म हो सकता है।
जब लड़कियां इन अनचाहे बालों से परेशान होती हैं, तो वे अक्सर इन्हें हटाने के लिए शेव करती हैं, जिससे यह समस्या और बढ़ सकती है। डॉक्टर या स्पेशलिस्ट से सलाह लिए बिना घरेलू नुस्खे इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।
ऐसा इसलिए भी हो सकता है
WHO के रिप्रोडक्टिव हेल्थ एक्सपर्ट, सिनर्जी यूनिवर्सिटी के मेडिकल डिपार्टमेंट में सीनियर लेक्चरर और गाइनेकोलॉजिस्ट ल्युबोव येरोफेयेवा के मुताबिक, जब भी लड़कियों का वजन बढ़ता है, तो उनका एस्ट्रोजन हार्मोन अक्सर बढ़ जाता है। कभी-कभी, हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल सिस्टम के ठीक से काम न करने की वजह से महिलाओं में फ्री टेस्टोस्टेरोन का लेवल भी बढ़ जाता है। फ्री टेस्टोस्टेरोन की ज़रूरत आमतौर पर सेक्सुअल डिज़ायर, नॉर्मल हेयर ग्रोथ और दूसरे प्रोसेस को रेगुलेट करने के लिए होती है। इस बढ़ोतरी से हेयर ग्रोथ होती है।
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उपाय और इलाज
हार्मोनल इम्बैलेंस का पता लगाकर और सही इलाज लेकर इस समस्या को कम किया जा सकता है। डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव भी प्राइमरी इलाज हैं। इस प्रोसेस को डॉक्टर की बताई गई दवाओं, वज़न कंट्रोल और हेल्दी लाइफस्टाइल से आसानी से ठीक किया जा सकता है। एक्सपर्ट की सलाह पर लेज़र ट्रीटमेंट भी इस्तेमाल किया जा सकता है, मगर कोई भी घरेलू इलाज न करें और हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।



