संसद से विधानसभा तक… आखिर क्यों बार-बार उठते हैं मान की ‘बोतल’ पर सवाल

भगवंत मान का दिल है कि मानता नहीं…। उनके दिल में कुछ, दिमाग में कुछ तो जुबान पर कुछ और होता है। शराब के शौकीन मान के सम्मान और छवि को एक बार फिर झटका लगा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का विवादों संग चोली दामन का साथ नजर आता है। हाल-फिलहाल में वे अपने व्यवहार और सनसनीखेज बयान के कारण दो बड़े विवादों में घिर चुके हैं।
ऐसे में पंजाब से लेकर नई दिल्ली तक उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कॉमेडियन से नेता बने भगवंत मान की पर्सनल लाइफ डिस्टर्ब रही है। कॉमेडी से ज्यादा उन्हें राजनीति रास आई है। आम आदमी पार्टी (आप) के जरिए उन्होंने सियासी पारी की शुरुआत की थी। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन वह पंजाब के सीएम पद की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
वाहे गुरु की मेहरबानी से मान को राजनीति में समय-समय पर ओहदे तो बड़े मिलते रहे, मगर उन्होंने अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने का भागीरथी प्रयास नहीं किया। सीएम बनने से पहले वह सांसद रह चुके हैं। संसद में वह दो बार पंजाब के सांसदों के निशाने पर आए। दरअसल अलग-अलग सांसदों ने दो बार यह आरोप लगाया था कि भगवंत मान शराब पीकर सदन में आते हैं।
दिल में कुछ, जुबान पर कुछ
इन सदस्यों ने मान के बगल की अपनी सीट को बदलने का अनुरोध तक किया था। जिस पर खासा बवाल मचा था। वर्तमान में सोशल मीडिया पर भगवंत मान की स्पीच से जुड़ा एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। यह वीडियो पंजाब विधानसभा का बताया जाता है। आरोप है कि मान नशे की हालत में सदन को संबोधित कर रहे हैं। बोलते समय उनकी जुबान लहक रही है। बॉडी लैंग्वेज भी सामान्य नहीं है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सीएम मान के खिलाफ सदन से लेकर सड़क तक प्रदर्शन किया।
विपक्ष हमेशा रहता है हमलावर
विपक्ष ने मान का ‘अल्कोहल टेस्ट’ तक कराने की मांग की। इसके इतर पंजाब में पिछले दिनों दो स्थानों पर बम धमाके हुए थे। जिस पर सीएम मान ने सीधे तौर पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगा डाले। उन्होंने कहा कि बम धमाकों के पीछे भाजपा का हाथ है। इसके बाद भाजपा की तरफ से उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा गया। मादक पदार्थों की तस्करी एवं शराब सेवन के बढ़ते प्रचलन के कारण पंजाब हमेशा चर्चाओं में रहा है। फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में भी इस राज्य की हकीकत को सामने लाने की कोशिश की गई। यह राज्य मादक पदार्थों के तस्करों का गढ़ माना जाता है।
खासकर पाकिस्तान से नशे की खेप को गैरकानूनी तरीके से वहां लाया जाता रहा है। नशे के चक्कर में युवा पीढ़ी का भविष्य बर्बाद हो रहा है। पंजाब में गैंगवार भी एक बड़ी समस्या है। लंबे समय से जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का एक बयान सुर्खियों में रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बिश्नोई ने कहा था कि वह पंजाब में मादक पदार्थों की खेप लाने वाले बदमाशों का हिसाब किताब करता रहेगा।
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एक सीएम के तौर पर भगवंत मान की जिम्मेदारी बनती है कि वे पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास करें, मगर जब वह खुद इस प्रकार के विवाद में फंसेंगे तो आम जनता में क्या मैसेज जाएगा? सीएम बनने से पहले मान ने चुनावी रैली में जनता को यह भरोसा दिलाया था कि वह नशे की आदत को छोड़ चुके हैं।



