Dusu election result 2025: जानिए DUSU की पहली महिला अध्यक्ष कौन थीं
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 जोरों पर हैं। क्या आप जानते हैं DUSU की पहली महिला अध्यक्ष कौन थीं? जानिए उन महिला नेताओं के बारे में जिन्होंने DU राजनीति में इतिहास रचा।

Dusu election result 2025: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) का चुनाव इस साल एक दिलचस्प मोड़ पर है। अध्यक्ष पद के लिए दो महिला उम्मीदवार, NSUI की जोसलिन नंदिता चौधरी और वाम गठबंधन (SFI और AISA) की अंजलि, आमने-सामने हैं। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि DUSU की पहली महिला अध्यक्ष कौन थीं?
DUSU की पहली महिला अध्यक्ष (dusu first woman president, election )
DUSU का गठन 1954 में हुआ था, मगर तीन दशकों तक कोई महिला अध्यक्ष नहीं बनीं। यह इतिहास बदला 1989 में, जब अंजू सचदेवा ने एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की। वह DUSU की पहली महिला अध्यक्ष बनीं और उन्होंने छात्र राजनीति में महिलाओं के लिए नए दरवाजे खोले।
DUSU की महिला अध्यक्षों की लिस्ट (female leaders list dusu)
अंजू सचदेवा (1989) – पहली महिला अध्यक्ष, निर्दलीय उम्मीदवार
- मोनिका कक्कड़ (1993)
- शालू मलिक (1994)
- अलका लांबा (1995) – अब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता
- नुपुर शर्मा (2008) – बाद में बनीं भाजपा की प्रवक्ता
इसके बाद अब तक DUSU में कोई महिला अध्यक्ष नहीं बनी है। 2025 का चुनाव इस मायने में खास है कि 15 साल बाद महिला उम्मीदवारों के बीच टक्कर देखने को मिल रही है।
DUSU से दिल्ली तक: इन नेताओं ने राजनीति में बनाई बड़ी पहचान
अरुण जेटली (1974)
भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे। डूसू अध्यक्ष बनने के बाद देश की राजनीति में बड़ा नाम बने। वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जैसे अहम पद संभाले।
विजय गोयल (1977)
युवा मामलों और संसदीय कार्यों में राज्यमंत्री रहे। छात्र राजनीति से सीधी राष्ट्रीय राजनीति में पहुंचे।
अजय माकन (1985)
NSUI से DUSU अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता बने। केंद्र सरकार में मंत्री रहे।
नुपुर शर्मा (2008)
2008 में DUSU की आखिरी महिला अध्यक्ष बनीं। बाद में भाजपा प्रवक्ता बनीं और काफी चर्चा में रहीं।
DUSU चुनाव 2025: कौन बनेगा अगला अध्यक्ष
- जोसलिन नंदिता चौधरी – NSUI
- अंजलि – वामपंथी गठबंधन (SFI + AISA)
- आर्या मान – ABVP
19 सितंबर को Dusu election result 2025 घोषित होंगे। अगर कोई महिला जीतती है, तो 15 साल बाद DUSU को फिर से महिला अध्यक्ष मिलेगी।



