दिव्यांशी व आयुषी ने जिले का नाम किया रोशन, शास्त्रीय नृत्य में प्राप्त किया पहला स्थान
हमारी संस्कृति हमारी पहचान विषय पर हुआ था बहुस्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन

रायबरेली। अपनी प्रतिभा का लोहा बनवाते हुए जिले की दो बेटियों ने पहला मुकाम पाया हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से “हमारी संस्कृति हमारी पहचान” विषय के अंतर्गत जनपद रायबरेली में बहुस्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह आयोजन तहसील स्तर, जनपद स्तर तथा मंडल स्तर पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली युवाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इन प्रतियोगिताओं में लोक नृत्य, समूह नृत्य, शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य, शास्त्रीय वाद्य, काव्य पाठ, सुगम संगीत एवं लोक गायन जैसी विविध विधाओं को सम्मिलित किया गया, जिससे भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों और निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंडल स्तर की प्रतियोगिता में जनपद रायबरेली की प्रतिभाओं ने विशेष उपलब्धि हासिल की। 14 से 20 वर्ष आयु वर्ग में आयुषी सिंह ने लोक नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं 21 से 25 वर्ष आयु वर्ग में दिव्यांशी सिंह ने शास्त्रीय नृत्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान अर्जित किया। इसके अतिरिक्त समूह गायन प्रतियोगिता में डीएवी स्कूल, एनटीपीसी ऊँचाहार के छात्र-छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद का नाम गौरवान्वित किया।
उक्त सभी विजेता प्रतिभागी अब प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रस्तुतीकरण करेंगे, जो जनपद रायबरेली एवं मंडल के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि प्रतिभागियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन, कला के प्रति समर्पण तथा उनके शिक्षकों एवं अभिभावकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
यह आयोजन न केवल युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में सफल रहा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास सिद्ध हुआ।



