DGCA New Rule 2026: अब फ्लाइट में अपनी पसंदीदा सीट के लिए ज़्यादा पैसे देने की ज़रूरत नहीं, नियम बदल गए

DGCA New Rule 2026: केंद्र सरकार ने हवाई यात्रियों के लिए एक बहुत ही राहत भरा फ़ैसला लिया है। अब यात्रियों को फ़्लाइट में अपनी पसंद की सीट चुनने के लिए कोई अतिरिक्त “छिपा हुआ चार्ज” नहीं देना होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे एयरलाइंस की मनमानी पर प्रभावी रोक लगेगी।
अब 60 प्रतिशत सीटें ‘मुफ़्त’ में चुनी जा सकेंगी
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब एयरलाइंस के लिए ये अनिवार्य है कि वे हर फ़्लाइट में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें यात्रियों के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराएं। अब तक कई एयरलाइंस वेब चेक-इन प्रक्रिया के दौरान लगभग सभी सीटों के लिए शुल्क लेती थीं- अब इस प्रथा को समाप्त कर दिया जाएगा।
एक ही PNR पर यात्रा कर रहे हैं? तो आप साथ बैठेंगे
सरकार ने उन लोगों के फ़ायदे के लिए एक बड़ा फैसला लिया है जो परिवार के साथ छुट्टियों पर या दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे हैं। मंत्रालय ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि जब भी संभव हो एक ही PNR (यात्री नाम रिकॉर्ड) के तहत बुक किए गए यात्रियों को आस-पास की सीटें आवंटित की जाएं। इसके परिणामस्वरूप, परिवारों को अब सिर्फ़ साथ बैठने के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
अगर फ़्लाइट रद्द हो जाती है या उसमें देरी होती है तो क्या होगा?
- सरकार ने न केवल सीट आवंटन के संबंध में बल्कि फ़्लाइट रद्द होने या देरी जैसी घटनाओं के संबंध में भी कड़ा रुख़ अपनाया है।
- अब एयरलाइंस के लिए यह ज़रूरी है कि वे अपनी वेबसाइटों, मोबाइल ऐप्स और हवाई अड्डों पर यात्रियों के अधिकारों से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
- ये जानकारी न केवल अंग्रेज़ी में बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- इसके अलावा ये भी अनिवार्य किया गया है कि वाद्य यंत्रों और खेल के उपकरणों को ले जाने से संबंधित नियमों को और अधिक पारदर्शी तथा यात्री-अनुकूल बनाया जाए।
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आपको बता दें कि भारत वर्तमान में दुनिया के तीसरे सबसे बड़े विमानन बाज़ार के रूप में उभरा है। हर दिन, 50 लाख से अधिक लोग भारतीय हवाई अड्डों से यात्रा करते हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, सरकार ने उनके अधिकारों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया है।



