आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दिलाने की उठी मांग

मऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट देने की मांग को लेकर गुरुवार को जनपद के शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर पुराने शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

धरने में शामिल शिक्षकों का कहना था कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2011 में लागू हुआ था। उस समय तक नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी गई थी और वे वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अब अचानक टीईटी अनिवार्य किए जाने से हजारों शिक्षक प्रभावित होंगे।

शिक्षकों ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के फैसले के बाद देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी पास करना आवश्यक कर दिया गया है। शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय उन शिक्षकों के साथ अन्याय है, जिन्होंने वर्षों तक विद्यालयों में पढ़ाकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।

धरने में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि पहले से कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की नियमावली के अनुसार हुई थी और उन्होंने लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारी निभाई है। ऐसे में अब उन्हें नई शर्तों में बांधना उचित नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि उम्र अधिक होने और लंबे समय बाद परीक्षा देने की स्थिति में कई शिक्षक कठिनाई महसूस कर रहे हैं।

शिक्षकों ने बताया कि देशभर में शिक्षक संगठन “टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया” के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं और केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने के लिए संसद में कानून बनाया जाए।

धरने के बाद शिक्षकों ने जिलाधिकारी मऊ के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने के लिए जल्द अध्यादेश लाया जाए, ताकि पुराने शिक्षकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में जनपद के बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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