राजनीति में धर्म और नीति दोनों जरूरी हैं: सपा सांसद
सपा सांसद आदित्य यादव जैन मुनि से धर्म चर्चा कर बोले

जसवंतनगर,इटावा। बदायूं सांसद आदित्य यादव ने सोमवार को जैन बाजार में जैन मुनि श्री 108 भाव सागर महाराज से भेंट कर धर्म चर्चा की। उन्होंने जैन मुनियों की चर्या और दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सरिता भदौरिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि को जनता का सम्मान करना चाहिए। बाद में सांसद ने नगर के विभिन्न वर्गों के शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर परिजनों को सांत्वना दी।
सरिता भदौरिया के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर आदित्य यादव ने कहा कि क्षेत्र की जनता का अपमान नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधि पक्ष और विपक्ष दोनों का होता है। जनप्रतिनिधि के तौर पर जनता के सवालों का सही तरीके से जवाब देना चाहिए,न कि ऐसी बातें कहनी चाहिए,जिन्हें सुनकर विधायक के परिवार के लोगों को भी लज्जा महसूस हो।
इसके बाद सांसद आदित्य यादव जैन बाजार स्थित जितेंद्र कुमार जैन के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने जितेंद्र कुमार जैन की पत्नी उषा देवी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह शोकाकुल परिवार के साथ हैं। सांसद नगर में अन्य शोक संतप्त परिवारों से भी मिलने पहुंचे और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जैन मुनि श्री 108 भाव सागर महाराज से हुई धर्म चर्चा के दौरान सांसद ने जैन मुनियों के जीवन और उनकी दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। मुनि श्री ने बताया कि जैन मुनि 24 घंटे में एक बार ही आहार ग्रहण करते हैं और उसी समय पानी भी ग्रहण करते हैं। इसके बाद अगले दिन ही आहार लेते हैं। उन्होंने दो माह में केशलोंच,पद विहार सहित मुनि जीवन की विभिन्न चर्याओं के बारे में भी बताया।
मुनि श्री भाव सागर महाराज ने कहा कि राजनीति यदि धर्म के साथ की जाए तो वह राजनीति नहीं,बल्कि न्याय और नीति का मार्ग बन जाती है। देश का संचालन करने वाले प्रत्येक राजनेता को अपनी प्रजा के प्रति न्यायप्रिय होना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को अपने चुने हुए जनप्रतिनिधि को सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए,जिससे पद की गरिमा बनी रहे।



