Bihar Election 2025: सियासत की ‘बीड़ी’
बिहार चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज

Bihar Election 2025: ‘बी’ से बीड़ी, ‘बी’ से बिहार। कांग्रेस की केरल इकाई का यह ट्वीट देश की सियासत में नए बखेड़े का कारण बन गया है। बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच नई जीएसटी दरों के बहाने केंद्र सरकार पर निशाना साधने के चक्कर में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ‘बी’ से बीड़ी, ‘बी’ से बिहार के जवाब में भाजपा और जेडीयू ने पलटवार करने में देरी नहीं की है।
नीतीश सरकार में मंत्री और जेडीयू नेता संजय कुमार झा ने ‘बी’ की नई परिभाषा बताकर कांग्रेस पर कटाक्ष किया है। मंत्री झा ने कहा है कि ‘बी’ सिर्फ बीड़ी नहीं है, बल्कि ‘बुद्धि’ भी है, जो कांग्रेस के पास नहीं है। ‘बी’ का मतलब बजट भी है, जो कांग्रेस को तब परेशान करता है जब बिहार को विशेष सहायता मिलती है। अलबत्ता ‘बी’ पर उभरे विवाद ने बिहार की सियासत को एकाएक गरमा दिया है।
बिहार में खूब होता है बीड़ी का सेवन
अमेरिका द्वारा लागू पचास प्रतिशत टैरिफ से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में संशोधन किया है। इसके चलते बीड़ी पर टैक्स 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। जबकि सिगार व सिगरेट पर टैक्स में वृद्धि की गई है। गरीब एवं मध्यम वर्ग को बीड़ी का शौकीन माना जाता है। खासकर दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, चपरासी आदि कामगार बीड़ी का अधिक सेवन करते हैं। बिहार में बीड़ी का सेवन खूब होता है। देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत बिहार के मजदूर आमतौर पर बीड़ी का सेवन करते देखे जा सकते हैं।
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चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज (Bihar Election 2025)
धनाढ्य वर्ग में सिगार व सिगरेट का अधिक शौक देखा गया है। भाजपा व जेडीयू का आरोप है कि केरल कांग्रेस की बिहार विरोधी मानसिकता सामने आ चुकी है। इसके पहले कांग्रेस ने तम्बाकू उत्पादों पर जीएसटी दरों में बढ़ोत्तरी की मुखालफत की थी। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो रही है। पीएम मोदी के अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी बिहार का दौरा कर चुके हैं।
चुनावी जीत के लिए भाजपा को चाहिए बिहार (Bihar Election 2025)
पिछले दिनों राहुल गांधी की जनसभा के दौरान कांग्रेस के एक नेता द्वारा पीएम मोदी की दिवंगत मां के प्रति अशोभनीय टिप्पणी कर दिए जाने पर खासा हंगामा मचा था। बिहार में सत्ता के लिए जंग तेज होती जा रही है। नतीजन सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर निशाना साधने को नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। राजद प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी राजग पर हमलावर हैं। लालू यादव ने बयान दिया है कि चुनावी जीत (Bihar Eletion 2025) के लिए भाजपा को बिहार चाहिए और जब फैक्ट्री लगानी होती हैं तो गुजरात को तवज्जो दी जाती है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही में अवध और मगध का हवाला देकर बिहार से भाजपा को साफ करने का आह्वान किया था। जवाब में यूपी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि विपक्ष न अवध में बचेगा और ना मगध में। राज्य में फिलहाल भाजपा और जदयू गठबंधन की सरकार है। भाजपा-जदयू को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए राजद, कांग्रेस व सपा पूरी जोर-आजमाइश करने में जुटे हैं।
बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जुगलबंदी भी देखने को मिल चुकी है। भविष्य में चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। वर्तमान में जोर पकड़ती चुनावी सरगर्मी का जनता खूब मजा उठा रही है। चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे वैसे-वैसे राजनीतिक दलों में घमासान और तेज होना तय है।



