ISIS की नजर उस खजाने पर, जो पल भर में बना सकता है परमाणु बम

क्या एक हजार टन का यूरेनियम यदि किसी दहशतगर्द संगठन के हाथ लग जाए तो पूरी दुनिया खतरे में आ सकती है? क्या इतना यूरेनियम फौरन परमाणु बम में बदला जा सकता है? ये सवाल इसलिए है क्योंकि एक देश यूरेनियम के भंडार पर बैठा है और उस पर विश्व की कई नजरें टिकी हुई हैं।

पश्चिमी अफ्रीका का एक मुल्क जो विश्व के सबसे गरीब मुल्कों में गिना जाता है। मगर उस मुल्क के पास एक ऐसा भंडार है जिससे वो पूरी इंसानी बस्ती को हिला सकता है, दहला सकता है। हम बात कर रहे हैं नाइजर देश की जिस पर इस वक्त विश्व के दुर्दात आतंकी संगठनों की गिद्ध निगाह टुकी हुई है क्योंकि इसके पास एक ऐसा खजाना है जो किसी भी देश की तकदीर रातों-रात बदल सकता है।

एक हजार टन यूरेनियम भंडार खतरे में

दरअसल विश्व के सबसे गरीब देशों में शुमार नाइजर के पास यूरेनियम के बड़े भंडार हैं। जो परमाणु ऊर्जा और परमाणु हथियारों के लिए महत्वपूर्ण है। और अब इसी यूरेनियम के भंडार पर दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की नजर है। पश्चिम अफ्रीका का देश नाइजर लंबे समय से यूरेनियम उत्पादन के लिए जाना जाता है। हाल के सालों में वहां राजनीतिक अस्थिरता और सैन्य शासन के हालात बने हुए हैं। इस सबके बीच चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि करीब 1000 टन यूरेनियम भंडार खतरे में है।

आम लोगों के लिए यूरेनियम शब्द सुनते ही परमाणु बम की तस्वीर दिमाग में आ जाती है। मगर वास्तविकता थोड़ी सी अलग है। प्राकृतिक यूरेनियम में मुख्य रूप से U238 होता है और सिर्फ लगभग 0.75% हिस्सा U35 होता है। परमाणु हथियार बनाने के लिए उच्च स्तर का इंडस्ड यानी समवृद्धित U235 की जरूरत होती है।

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यदि 1000 टन प्राकृतिक यूरेनियम की बात करें तो उसमें सैद्धांतिक रूप से लगभग 7.2 टन U35 हो सकता है। मगर U35 सीधे इस्तेमाल के लायक नहीं होता है। इसे अलग करने और 90% या उससे अधिक स्तर तक संवर्धित करने के लिए अत्यंत उन्नत तकनीक सेंट्रीफ्यूज मशीनें, बड़े औद्योगिक संयंत्र और विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की जरूरत होती है। यदि बड़ी मात्रा में U35 उपलब्ध हो जाए तो कई परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। फिर भी खतरे को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता है।

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