bengal election 2026: 4 मई को किसकी सरकार, ये सीटें तय करेंगी बंगाल का भविष्य

bengal election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का परिणाम 4 मई को आने वाला है। राज्य में चुनावी माहौल अब चरम पर है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान हुआ और इसके बाद जनता में सरकार बदलने की उम्मीदें और जोर पकड़ रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निरंतर जीत का भरोसा जता रही हैं। ऐसे में मतगणना के दिन सबकी निगाहें खासतौर पर कुछ निर्णायक जिलों पर टिक गई हैं।

ये सीट है बहुत अहम

इतिहास दर्शाता है कि उत्तर बंगाल के पहाड़ी और जंगल इलाके चुनाव में कम असर डालते हैं। सत्ता का फैसला अक्सर दक्षिणी बंगाल के घनी आबादी वाले मैदानी जिलों से होता है। इस बार भी मुख्य फोकस इन सीटों पर है।

विशेष रूप से उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों की भूमिका अहम मानी जा रही है। ये जिले कोलकाता और हावड़ा के साथ मिलकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मजबूत गढ़ हैं। वहीं भाजपा इन जिलों में सेंध लगाकर सत्ता बदलने का प्रयास कर रही है। उत्तर 24 परगना में 33 और दक्षिण 24 परगना में 31 सीटें हैं, जो चुनावी नतीजों को निर्णायक रूप दे सकती हैं।

निर्णायक क्षेत्र कौन-कौन हैं

कोलकाता की 11 और हावड़ा की 16 सीटें, उत्तर और दक्षिण 24 परगना की 64 सीटों के साथ, कुल मिलाकर 91 सीटों का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह विधानसभा के 294 सीटों का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। यही कारण है कि 2026 के चुनाव में यह क्षेत्र सबसे निर्णायक माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे बंगाल के “उत्तर प्रदेश” की तरह मानते हैं, क्योंकि यह राज्य सचिवालय नबान्न में सत्ता बदलने या बनाए रखने की कुंजी है।

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कोलकाता, हावड़ा, नादिया और दोनों परगना जिले प्रेसिडेंसी प्रभाग में आते हैं। कुल 111 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस 2021 में 96 सीटें जीतकर सबसे मजबूत रही थी। भाजपा को केवल 14 सीटें मिली थीं और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) की एक सीट ही आई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 21 सीटों में बढ़त बनाई, जबकि TMC ने 90 सीटों पर बढ़त बरकरार रखी।

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