राजपाल यादव के बाद अब अमीषा पटेल की बारी; कोर्ट ने जारी किया वारंट, 8 साल पुराने कांड में फंसी ‘सकीना’

अभिनेता राजपाल यादव के बाद अभिनेत्री अमीषा पटेल की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अदालत ने चेक बाउंस प्रकरण में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। मामला आठ साल पुराना है। हालांकि अभिनेत्री ने शिकायत कर्ता की नीयत पर सवाल उठाकर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
तिहाड़ जेल से बाहर आने के लिए राजपाल यादव भरसक प्रयास कर रहे हैं। चेक बाउंस मामले में उन्हें कुछ दिन पहले जेल जाना पड़ा था। यह मामला चर्चाओं में आने के बाद बॉलीवुड की कुछ हस्तियां एकाएक राजपाल के समर्थन में आगे आईं। कुछ कलाकारों ने आर्थिक रूप से मदद करने की पेशकश की। इसके अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी बड़ा दिल दिखाकर राजपाल यादव की आर्थिक मदद करने से पीछे नहीं हटे।
चेक बाउंस का एक मामला फिर सुर्खियों में
फिलहाल अभिनेता की परेशानियां कम होती दिखाई दे रही हैं। इसके इतर अभिनेत्री अमीषा पटेल से जुड़ा चेक बाउंस का एक मामला अब चर्चाओं में आ गया है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आठ साल पहले आयोजित शादी समारोह में अभिनेत्री अमीषा पटेल को परफॉर्म करने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि एडवांस राशि मिलने के बावजूद अमीषा ने कार्यक्रम में शिरकत नहीं की थी। पैसे के लेनदेन के विवाद में पवन वर्मा ने अदालत का रुख किया। कोर्ट ने अभिनेत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
इस बीच अभिनेत्री ने शिकायत कर्ता के दावे को झूठा करार दिया है। उन्होंने सफाई दी है कि यह मामला पूर्व में सुलझ चुका है। अमीषा पटेल ने पवन वर्मा के विरूद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने की बात कही है। शादी समारोह में परफॉर्म के लिए बॉलीवुड सितारे मोटी रकम वसूलते रहे हैं। सलमान खान व शाहरुख खान जैसे सितारे भी वैवाहिक समारोह व अन्य कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।
इवेंट कंपनी के जरिए फिल्मी सितारों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता है। ऐसे में फीस को लेकर विवाद होना नई बात नहीं है। कई साल पहले अभिनेता अनिल कपूर को गाजियाबाद में एक कार्यक्रम में परफॉर्म करना था। इसके लिए वह मुंबई से दिल्ली तक पहुंच गए थे, मगर आयोजकों द्वारा दिल्ली से गाजियाबाद तक के लिए मनपसंद कार उपलब्ध न कराए जाने से नाराज होकर वह वापस लौट गए थे।
देश में चेक बाउंस के मामले आए दिन प्रकाश में आते रहते हैं। भारत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा- 138 के तहत चेक बाउंस होना गंभीर मामला होता है। यदि किसी का चेक बाउंस हो जाए और तय समय में भुगतान न किया जाए, तो दो साल तक की जेल, चेक राशि के दोगुने तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।
Gabru new release date: एक्शन नहीं, अब दिल जीतेंगे सनी देओल; जानें क्या है फिल्म की कहानी
हालांकि हमेशा सीधे जेल नहीं होती, क्योंकि कानून पेमेंट का एक मौका भी देता है। चेक बाउंस होने पर बैंक एक रिटर्न मेमो जारी करता है, जिसमें कारण बताया जाता है, जैसे खाते में पर्याप्त रकम ना होना। इसके बाद सामने वाले व्यक्ति को तीस दिन के भीतर लीगल नोटिस भेजना होता है। नोटिस मिलने के पंद्रह दिनों के अंदर यदि पेमेंट कर दिया जाए, तो मामला आमतौर पर खत्म हो जाता है और क्रिमिनल कार्रवाई से बचा जा सकता है। कई बार व्यक्ति समझ ही नहीं पाते हैं कि आखिर किन गलतियों के कारण से उनका चेक बाउंस हो गया है। बहरहाल बॉलीवुड में राजपाल यादव और अमीषा पटेल से जुड़े मामलों की खूब चर्चाएं हो रही हैं।



