कृष्ण ने अधर्म का किया अंत: कंस का हुआ वध

मैदानी रामलीला महोत्सव में वृंदावन की रंगरसिया मंडली ने किया कंस वध लीला का मंचन

जसवंतनगर,इटावा।मैदानी रामलीला महोत्सव में बुधवार रात चतुर्थ दिवस रासलीला कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की कंस वध लीला का मंचन किया गया। वृंदावन से आई रंगरसिया रासलीला मंडली के कलाकारों ने संवाद,अभिनय और भक्ति संगीत के माध्यम से कंस के अत्याचारों से लेकर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उसका वध किए जाने तक के प्रसंग को जीवंत कर दिया। लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु रामलीला मैदान पहुंचे।

पुराणों के अनुसार,मथुरा के राजा कंस को आकाशवाणी हुई थी कि उसकी बहन देवकी की आठवीं संतान उसका वध करेगी। इस भविष्यवाणी से भयभीत कंस ने देवकी और उनके पति वसुदेव को कारागार में डाल दिया। देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। वसुदेव उन्हें यमुना पार गोकुल में नंद बाबा के यहां पहुंचा आए,जहां उनका पालन-पोषण हुआ।

बड़े होने पर श्रीकृष्ण अपने भाई बलराम के साथ मथुरा पहुंचे। कंस ने उन्हें मारने के लिए अनेक प्रयास किए,लेकिन श्रीकृष्ण ने उसके सभी षड्यंत्र विफल कर दिए। अंततः मल्लयुद्ध के दौरान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर उसके अत्याचारों का अंत किया और मथुरा की प्रजा को भय से मुक्ति दिलाई।

रासलीला के मंचन के माध्यम से कलाकारों ने अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। कार्यक्रम का निर्देशन अवधेश कुमार मिश्रा ने किया। श्री रामलीला महोत्सव समिति के प्रबंधक राजीव कुमार गुप्ता तथा उपप्रबंधक ठाकुर राजेंद्र सिंह गौर और शुभ श्री गुप्ता के नेतृत्व में महोत्सव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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