DL रखने वालों की बल्ले-बल्ले! केंद्र सरकार ने खत्म किए ये सारे नियम, अब जेब पर नहीं पड़ेगा असर

Driving License New Rules 2026: केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में बदलाव का एक ड्राफ्ट जारी किया है। इन प्रस्तावों में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी अपडेट करने के लिए लगने वाली फीस को खत्म करना, आवेदन प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय करना और कुछ मामलों में अपने आप (ऑटोमैटिक) मंजूरी मिल जाने की व्यवस्था शामिल है।
भविष्य में ड्राइविंग लाइसेंस लेने वालों के लिए पूरी प्रक्रिया आसान हो सकती है। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में प्रस्तावित बदलावों का एक ड्राफ्ट जारी किया है। इन प्रस्तावों में कई तरह के प्रावधान हैं, जैसे लाइसेंस पर पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी अपडेट करने के लिए कोई फीस नहीं लगेगी, और आवेदनों को प्रोसेस करने के लिए एक तय समय-सीमा होगी।
इसके अलावा, कुछ मामलों में, अगर तय समय-सीमा के भीतर आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो उसे मंजूर मान लिया जाएगा। साथ ही, ‘सारथी’ पोर्टल के जरिए होने वाली ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को भी और आसान बनाया जा रहा है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इन प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं, जिन्हें 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा। ये अभी केवल प्रस्ताव हैं और इन्हें अभी लागू नहीं किया गया है। अगर सरकार इन्हें मंजूरी दे देती है, तो ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी अपडेट करने, लाइसेंस रिन्यू कराने और अन्य संबंधित सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है।
इन लोगों को होगा फायदा
प्रस्तावित नियमों के तहत, ड्राइविंग लाइसेंस पर पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी अपडेट करने के लिए लगने वाली फीस को हटाया जा सकता है। इसके अलावा, यह भी प्रस्ताव है कि आधार के जरिए ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन से मिलने वाली सेवाएं मुफ्त में दी जाएं। इससे उन लोगों को काफी राहत मिलेगी, जिन्हें नौकरी बदलने, कहीं और शिफ्ट होने या अन्य कारणों से अपने लाइसेंस की जानकारी अपडेट करने की जरूरत पड़ती है। फिलहाल, इन सेवाओं के लिए फीस हटाने का प्रस्ताव केवल एक ड्राफ्ट का हिस्सा है। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इसमें कौन-कौन सी सेवाएं शामिल हैं।
ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव है कि ड्राइविंग लाइसेंस में नाम या अन्य जानकारी बदलने के आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर फैसला ले लिया जाना चाहिए। इससे लोगों को बार-बार अपने आवेदन का स्टेटस चेक करने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा और उन्हें लंबे समय तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, यह प्रस्ताव है कि यदि पता बदलने के आवेदन पर 30 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो उसे स्वीकृत मान लिया जाना चाहिए।
साथ ही, एक ऐसी व्यवस्था का सुझाव दिया गया है, जिससे लाइसेंस से किसी वाहन श्रेणी (vehicle category) को हटाने के आवेदनों को सात दिनों के भीतर अपने आप प्रोसेस किया जा सके। इन प्रावधानों का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को एक निश्चित समय-सीमा के दायरे में लाना है। हालाँकि, ये समय-सीमाएँ अभी केवल प्रस्तावित हैं और अंतिम नियमों में इनमें बदलाव हो सकता है।
अगर आपके पास नहीं है ये एक दस्तावेज, तो आधार में कभी सही नहीं होगी जन्मतिथि
DL बनवाते समय पते का प्रमाण देना अब और आसान होने वाला है। नए प्रस्ताव के तहत, बिजली के बिल और घरेलू गैस सिलेंडर के बिलों को पते के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। हालाँकि, एक शर्त यह है कि ये बिल तीन महीने से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए। यह निर्णय उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से मददगार होगा जिनके पास अन्य मानक दस्तावेज़ नहीं हैं या जिन्हें उन्हें प्राप्त करने में कठिनाई होती है। एक बार जब यह नई सुविधा लागू हो जाएगी, तो सरकार द्वारा स्वीकार्य दस्तावेज़ों की अंतिम सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी जाएगी।
इस ड्राफ्ट में ‘सारथी’ पोर्टल पर एक ऑटोमेटेड डेटा-एंट्री सिस्टम का भी प्रस्ताव है, ताकि आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके। इससे आवेदकों को बार-बार एक ही जानकारी दर्ज करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, लाइसेंस रिन्यू कराने, डुप्लिकेट ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने और मौजूदा लाइसेंस में किसी नई वाहन श्रेणी को जोड़ने के लिए एक अलग ‘फॉर्म 2A’ का प्रस्ताव रखा गया है।
इस प्रस्ताव में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय आपातकालीन संपर्क जानकारी (emergency contact information) देना अनिवार्य करने के साथ-साथ, अंगदान (organ donation) का विकल्प देना भी शामिल है। आपातकालीन संपर्क विवरण ज़रूरत के समय संबंधित लोगों तक पहुँचने में मदद कर सकते हैं, जबकि अंगदान का विकल्प लोगों को अपनी इच्छा दर्ज करने की सुविधा देगा। इन बदलावों पर अभी विचार किया जा रहा है। मंत्रालय को फीडबैक या सुझाव मिलने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।



