खोजी पत्रकार से सीधे पार्टी के मुख्य प्रवक्ता! जानिए कौन हैं सुर्खियों में छाए CJP के सौरव दास

Who is Sourav Das: देश के मीडिया जगत और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों स्वतंत्र पत्रकार सौरव दास का नाम तेजी से सुर्खियों में बना हुआ है। खोजी पत्रकारिता से लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता पद तक का उनका सफर लोगों के बीच खासा कौतूहल पैदा कर रहा है। जून 2026 में सीजेपी की कमान संभालने और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं व पेपर लीक के खिलाफ हुए देशव्यापी छात्र आंदोलनों में मुखर भूमिका निभाने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का प्रमुख केंद्र बने। सरकारी तंत्र की पड़ताल करने वाले एक एक्टिविस्ट से मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय चेहरा बनने वाले सौरव दास की पृष्ठभूमि, शिक्षा, जीवनशैली और उनके विवादों की पूरी पड़ताल बेहद दिलचस्प है।
मूल रूप से देश की राजधानी दिल्ली में जन्मे और पले-बढ़े सौरव दास ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद वर्ष 2016 से 2019 के दौरान नोएडा स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार (Mass Communication) की डिग्री हासिल की। बेहद कम उम्र से ही उन्हें सरकारी नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पड़ताल का गहरा शौक था। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) कानून के जरिए सरकारी दफ्तरों से जानकारियां निकालना शुरू कर दिया था। सरकारी योजनाओं, नीतियों और प्रशासनिक जवाबदेही को आरटीआई के जरिए खंगालने की इसी शुरुआती आदत ने उन्हें एक खोजी पत्रकार के रूप में विशिष्ट पहचान दिलाई।
स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कर चुके हैं काम
डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर अपनी जमीनी रिपोर्टिंग शुरू की, जिसमें जनहित के मुद्दे और प्रशासनिक विसंगतियां हमेशा केंद्र में रहीं। पत्रकारिता के इसी लंबे अनुभव के बीच जून 2026 में उन्होंने राजनीतिक पारी का आगाज किया और सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नियुक्त हुए। इसी दौरान जब नीट परीक्षा को लेकर देश भर के छात्र सड़कों पर उतरे, तो सौरव दास ने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते हुए मीडिया में कड़ा मोर्चा संभाला, जिससे उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक पहचान दोनों में तेजी से इजाफा हुआ।
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो सौरव दास साउथ दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-1 (GK-1) में रहते हैं। अगस्त 2026 में उनका यही आवास एक बड़े सुरक्षा विवाद के केंद्र में आ गया था। उस समय सौरव दास शहर से बाहर थे, तभी कुछ यूट्यूबर्स और निजी मीडिया चैनलों के प्रतिनिधियों पर उनके घर में जबरन घुसकर वीडियो रिकॉर्डिंग करने के गंभीर आरोप लगे। निजता के इस कथित हनन के बाद मामले ने तूल पकड़ा और दिल्ली पुलिस ने उनके आवास पर 24 घंटे की सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी। इस घटना ने सार्वजनिक हस्तियों की निजी सुरक्षा और डिजिटल मीडिया की लक्ष्मण रेखा पर भी गंभीर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी थी।
ईवीएम नहीं, बैलेट पेपर पर हुआ मुकाबला! कांग्रेस की ऐसी करारी हार देख उड़ गए सबके होश
निजी जीवन में अविवाहित सौरव दास काम के तनाव से दूर रहने के लिए फिटनेस, योग, स्विमिंग और जिम को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानते हैं। पढ़ने-लिखने और यात्रा करने के शौकीन सौरव अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहद सक्रिय हैं। इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने बयानों, साक्षात्कारों और सार्वजनिक बहसों के जरिए वे सीधे जनता से संवाद करते हैं, जहां सीजेपी से जुड़ने के बाद उनके फॉलोअर्स की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया है।



