INDIA गठबंधन के विरोध मार्च के बीच, मुख्य न्यायाधीश ने सीधे मीडिया से बात की; जानें क्या कहा

CJI Surya Kant Statement: चुनाव आयोग की ‘SIR’ प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के तीखे तेवरों के बीच राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित विरोध मार्च और भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की रणनीति को बड़ा झटका लगा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने में असमर्थता जताते हुए अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
जानें क्या बोले मुख्य न्यायाधीश
राजधानी में विपक्षी मार्च के चलते बढ़े सुरक्षा तनाव के बीच मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उन्हें रविवार को विपक्षी नेताओं की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसका औपचारिक उत्तर भेज दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश ने साफ किया कि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के तौर पर मिलने आ रहे नेताओं से मुलाकात करने में असमर्थता जताई है और इसके वैधानिक कारणों से भी उन्हें अवगत करा दिया गया है।
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संस्थागत मर्यादा और कानूनी प्रक्रिया पर जोर देते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश की शीर्ष अदालत के दरवाजे सभी के लिए समान रूप से खुले हैं। चाहे वह देश का कोई सामान्य नागरिक हो या फिर किसी निर्वाचित सदन का जनप्रतिनिधि, हर किसी को सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी को कोई शिकायत है, तो वह उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत औपचारिक याचिका दायर कर अदालत आ सकता है; कानून और संविधान के दायरे में रहते हुए हर नागरिक की शिकायत की निष्पक्ष सुनवाई होगी और उनके अधिकारों की रक्षा की जाएगी। वहीं दिल्ली में बढ़ते राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों पर पूछे गए सवाल पर मुख्य न्यायाधीश ने साफ शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना कार्यपालिका का काम है, यह न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।


