वर्ल्ड कप और गोल्ड जिताने के बाद अचानक कप्तानी छोड़ी! हरमनप्रीत कौर के इस फैसले से सदमे में फैंस!

Harmanpreet Kaur steps down as captain: भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाली धाकड़ बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने अचानक एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है।
भारत को 2025 वनडे वर्ल्ड कप का ऐतिहासिक खिताब जिताने और हाल ही में एशियन गेम्स 2026 में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल दिलाने वाली इस दिग्गज खिलाड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा कर अपने इस फैसले का ऐलान किया। हालांकि, 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने साफ किया है कि उन्होंने केवल कप्तानी से हटने का निर्णय लिया है, संन्यास का नहीं। वह बतौर खिलाड़ी भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी सेवाएं जारी रखेंगी और अपने खेल का लुत्फ उठाएंगी। हरमन के इस बड़े कदम के बाद लंबे समय से उप-कप्तान की जिम्मेदारी निभा रहीं स्टार ओपनर स्मृति मंधाना का नया कप्तान बनना लगभग तय माना जा रहा है, जो वर्तमान में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं।
अपने विदाई संदेश में हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी के सफर को याद करते हुए लिखा कि यह फैसला उनके लिए कतई आसान नहीं था, क्योंकि इसमें सालों की यादें, जज्बात, त्याग और संघर्ष जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने अपना खून-पसीना एक किया और कई बार अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन व निजी महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखकर हमेशा टीम हित को सर्वोपरि रखा। एक कप्तान के तौर पर उन्हें कई ऐसे कड़े और अलोकप्रिय फैसले भी लेने पड़े, जिनकी उन्हें व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन उनका एकमात्र मकसद युवा खिलाड़ियों को मौका देकर टीम को चैंपियन बनाना था। हरमन ने कहा कि उन्होंने अपने इस लंबे सफर में असफलताएं, आलोचनाएं, शक और टूटे दिल भी देखे हैं, तो वहीं ऐतिहासिक जीत, तिरंगे का मान और जश्न के गौरवशाली पलों का भी अनुभव किया है।
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हरमनप्रीत ने आगे लिखा कि वह बेहद संतुष्ट और शांत मन से कप्तानी छोड़ रही हैं क्योंकि मौजूदा भारतीय टीम पूरी तरह मजबूत, आत्मविश्वास से भरी और सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने अपने सभी साथी खिलाड़ियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ, बीसीसीआई और देश के करोड़ों फैंस का आभार व्यक्त किया जिन्होंने हर मोड़ पर उनका साथ दिया। साल 2016 में पहली बार टी20 टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत ने पूरे 10 साल तक देश का नेतृत्व किया। उनकी कप्तानी में भारत ने कई एशिया कप खिताब, 2025 का ऐतिहासिक वनडे वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स में बैक-टू-बैक दो गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने अपने संदेश का अंत इन प्रेरणादायक शब्दों के साथ किया कि कप्तानी का दौर भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन क्रिकेट और देश के लिए उनका प्यार और सफर आगे भी जारी रहेगा।



