1.50 लाख भोजन वितरण के बाद अब 10 लाख प्रतिदिन का महा-संकल्प, भूख के खिलाफ जनआंदोलन बनेगी नारायण अन्न सेवा

गाजियाबाद।एक थाली भोजन से शुरू हुई सेवा आज मानवता के बड़े संकल्प की ओर बढ़ रही है। नारायण अन्न सेवा ने जरूरतमंदों तक 1.50 लाख भोजन पहुँचाने का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। अब संस्था ने प्रतिदिन 10 लाख भोजन जरूरतमंदों तक पहुंचाने का महा-संकल्प लिया है।
इस अवसर पर क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के अरबिंद कुमार सिंह ने कहा कि दान केवल धन देने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “दान की पहली सीढ़ी तन है, दूसरी मन और तीसरी धन। पहले अपना समय और श्रम सेवा में लगाइए, फिर अपनी संवेदना और विचारों को सेवा से जोड़िए और सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग कीजिए।”
उन्होंने कहा कि यदि देश का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का छोटा सा हिस्सा भी अपने जीवन में जोड़ ले, तो भूख जैसी समस्या के खिलाफ बड़ा सामाजिक परिवर्तन संभव है।
100 नारायण अन्न सेवा केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास
नारायण अन्न सेवा अब अपने अगले चरण में 100 सेवा केंद्रों के विस्तार की दिशा में कार्य कर रही है। इन केंद्रों के माध्यम से विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने की योजना है।
संस्था का उद्देश्य केवल भोजन वितरण का नेटवर्क बनाना नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जिसके माध्यम से “कोई भूखा न सोए” के संकल्प को जनभागीदारी से मजबूत किया जा सके।
तन, मन और धन से सेवा का आह्वान संस्था ने समाज के लोगों से सेवा अभियान से जुड़ने की अपील की है। कोई व्यक्ति अपना समय और श्रम देकर भोजन बनाने एवं वितरण में सहयोग कर सकता है, कोई दूसरों को सेवा के लिए प्रेरित कर सकता है और सामर्थ्य रखने वाले लोग आर्थिक सहयोग दे सकते हैं।ट्रस्ट का कहना है कि “सेवा की शुरुआत जेब से नहीं, दिल से होती है।1.50 लाख भोजन वितरण का पड़ाव संस्था के लिए केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे की बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है। नारायण अन्न सेवा का लक्ष्य अब प्रतिदिन 10 लाख भोजन जरूरतमंदों तक पहुंचाने का है।



