सिर्फ 8 घंटे में दूर हुई प्लॉट कब्जे की समस्या, डीएम के निर्देश पर पीड़ित को मिली वर्तमान कीमत की चेक राशि
जनसुनवाई में डीएम रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने सुनी फरियाद, एसडीएम-एसएचओ और तहसीलदार की टीम ने की त्वरित कार्रवाई

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भूमि कब्जा, राजस्व विवाद, अवैध अतिक्रमण, पेंशन, राशन कार्ड, जलापूर्ति और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का केवल कागजी या औपचारिक निस्तारण नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान किया जाए। साथ ही निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए।
8 घंटे में मिला समाधान
जनसुनवाई के दौरान रामपुर निवासी दिनेश कुमार जैन और उनकी पत्नी विनीता जैन ने अपनी पुत्री के अटौर, गाजियाबाद स्थित प्लॉट पर अवैध कब्जे की शिकायत जिलाधिकारी से की। दंपती ने बताया कि कुछ वर्षों पूर्व प्लॉट पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार प्रयास करने के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिल रही थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने तत्काल एसडीएम, एसएचओ और तहसीलदार की संयुक्त टीम गठित कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
दिनेश कुमार जैन और उनकी पत्नी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों ने उसी दिन रात करीब 8 बजे तक उनकी शिकायत का निस्तारण करा दिया। उनके अनुसार, प्लॉट वापस नहीं मिल सका, लेकिन उसके एवज में उसकी वर्तमान कीमत के बराबर चेक उन्हें उपलब्ध कराया गया।
दंपती ने कहा कि मात्र आठ घंटे में बिना कोई पैसा खर्च किए उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया। उन्होंने जिलाधिकारी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा त्वरित समाधान पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि डीएम संवेदनशील, न्यायप्रिय, कर्तव्यनिष्ठ और आमजन की समस्याओं को समझने वाले अधिकारी हैं।
जनसुनवाई के दौरान एडीएम एल/ए, एडीएम सिटी, एडीएम ई, सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे



