डीएम की जनसुनवाई में उमड़ी फरियादियों की भीड़, बोले- हर पीड़ित को न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी
भूमि कब्जे की शिकायत पर डीएम ने दिए सख्त निर्देश, कैंसर पीड़ितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के आदेश

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनसुनवाई में भूमि पर अवैध कब्जा, राजस्व विवाद, अतिक्रमण, पेंशन, राशन कार्ड, जलापूर्ति सहित अन्य समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
खोड़ा निवासी सुमन ने शिकायत की कि सजवान नगर में खरीदे गए उनके प्लॉट पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। शिकायत पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को निर्देश दिए कि यदि किसी सही व्यक्ति की संपत्ति पर अवैध कब्जा किया गया है तो कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई कर पात्र व्यक्ति को उसका कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि “न्याय दिलाना हमारा कार्य है। जिले में किसी कमजोर, गरीब या असहाय व्यक्ति की संपत्ति पर कब्जा नहीं होना चाहिए।”
जनसुनवाई में दिव्यांगजनों ने ट्राईसाइकिल, रोजगार, पेंशन, अंत्योदय कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनने के बाद आवास उपलब्ध कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही किसी उपयुक्त योजना के माध्यम से आवास की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं मोदीनगर क्षेत्र की सन्नो ने पति के कैंसर से पीड़ित होने तथा नंदग्राम निवासी संदीप श्रीवास्तव ने पुत्री के कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी देते हुए आर्थिक सहायता मांगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के लिए आवेदन कराने और आयुष्मान कार्ड की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को न्याय और हर पीड़ित को सहायता दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
डीएम की जनसुनवाई में लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। निर्धारित समय के बाद भी बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, जिसके चलते कई बार जनसुनवाई दोपहर बाद तक चलती है।
इस दौरान एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्या, एडीएम एल/ए अवनीश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



