टीबी मुक्त अभियान की गूंज: टीम ने संभाली कमान
घर-घर पहुंच ग्रामीणों को किया जागरूक

जसवंतनगर,इटावा।इटावा जिले को प्रदेश के चयनित सात जनपदों में ‘टीबी मुक्त भारत’ पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इसके तहत क्षेत्र की ग्राम पंचायत धरवार को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार को माय भारत युवा कार्यक्रम विभाग, भारत सरकार और जिला टीबी अस्पताल इटावा के संयुक्त सहयोग से अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (ELP) के अंतर्गत ‘यूथ लेड टीबी मुक्त अभियान’ चलाया गया।
माय भारत की उपनिदेशक सोनिका चंद्रा के नेतृत्व में आयोजित अभियान के दौरान गांव में जागरूकता रैली निकाली गई। टीम ने ग्रामीणों के घर-घर पहुंचकर टीबी के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी व्यक्ति में टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई दें तो देरी किए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और आवश्यक उपचार कराया जाए।
स्थानीय युवा ऋषभ को मिली अभियान की कमान
अभियान की खास बात यह है कि क्षेत्र के नगला तौर गांव निवासी ऋषभ पाठक को जिले से टीम लीडर की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने जिला टीबी अस्पताल इटावा में अभियान से संबंधित प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। उनके नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम द्वारा धरवार गाँव में जागरूकता, स्क्रीनिंग और जनभागीदारी बढ़ाने का कार्य चालू कर दिया गया है।
टीम में द्वितीय टीम लीडर कुमारी नीरज के अलावा अभिषेक, शिवेक कुमार, पीयूष पाठक, विनायक पाठक और आयुष कुमार शामिल हैं। टीम का उद्देश्य ग्रामीणों के साथ युवाओं को भी टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ना है।
युवाओं की पहल से टीबी पर जीत का संकल्प
अभियान के दौरान ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। टीम ने लोगों को समझाया कि टीबी की समय से पहचान और पूरा उपचार बीमारी को हराने में अहम भूमिका निभाता है। ग्रामीणों ने धरवार को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के संकल्प के साथ अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. संजीव कुमार माहेश्वरी, सीएचओ तृप्ति, एसटीएस वीरेंद्र सिंह, एसटीएलएस राघवेंद्र प्रताप सिंह तथा आशा कार्यकर्ता पुष्पा देवी, रत्ना शर्मा, नीरज पाल, ममता देवी और शांति देवी ने सहयोग किया।



