रेलवे अंडरपास में भरा चार फुट पानी:रास्ता डूबा

जसवंतनगर,इटावा। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर गेट संख्या 38सी के पास लाखों रुपये की लागत से बनाया गया रेलवे अंडरपास इन दिनों लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बन गया है।
अंडरपास में करीब तीन से चार फुट तक जलभराव होने से रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों के अलावा आसपास के दर्जनभर गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार दोपहर जलभराव के कारण एक ट्रैक्टर अंडरपास के बीचोंबीच बंद होकर खड़ा हो गया,जिससे काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने किसी तरह ट्रैक्टर को बाहर निकलवाया,तब जाकर रास्ता सुचारु हो सका।
इस मार्ग से नगला सलहदी,नगला तौर, घुराह, जाखन,सरामई, लुंगे की मड़ैया,कछपुरा, नगला रामसुंदर,पीहरपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं।
यही रास्ता राष्ट्रीय राजमार्ग और लखनऊ एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने का भी प्रमुख संपर्क मार्ग है। ऐसे में जलभराव के कारण सैकड़ों बाइक, कार और स्कूली वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास में पानी भरने से कई बार मोटरसाइकिलें बीच रास्ते में बंद हो जाती हैं। मजबूरी में लोगों को पानी के बीच से वाहन धक्का देकर निकालने पड़ते हैं। स्कूली बच्चों से भरे वाहनों को भी जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में यह समस्या हर साल उत्पन्न होती है,लेकिन जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए अंडरपास में यदि पंपिंग व्यवस्था या प्रभावी जल निकासी होती तो लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
ग्रामीणों ने रेलवे और संबंधित विभाग के अधिकारियों से अंडरपास से तत्काल पानी निकलवाने तथा स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।



