ट्रंप का अब तक का सबसे बड़ा हमला: अमेरिका ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर किया हमला, वजह जानें

US airstrike on Chabahar Port 2026: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अप्रैल में घोषित सीजफायर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समाप्त मानने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। गुरुवार को अमेरिका ने ईरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस अभियान में लगभग 90 ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इसके जवाब में ईरान ने लगातार दूसरे दिन कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हालात को देखते हुए कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले की चेतावनी जारी कर दी गई है। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चाबहार में धमाकों के बाद बिजली व्यवस्था प्रभावित
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार चाबहार में कई तेज धमाके हुए। इसके बाद शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय लोगों ने लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनने की बात कही। हमलों के बाद राहत और आपातकालीन सेवाओं की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गईं।
अप्रैल में सीजफायर की घोषणा के बाद यह पहली बार है जब इस अहम बंदरगाह को निशाना बनाया गया। इसके अलावा गोलेस्तान प्रांत में स्थित अक टेकेह खान रेलवे ब्रिज पर भी मिसाइल हमला होने की खबर सामने आई है।
अमेरिका ने कार्रवाई की क्या वजह बताई
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य उन समुद्री ठिकानों और सैन्य ढांचों को निशाना बनाना था जिनका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने में किया जा रहा था।
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अमेरिकी मिडिल ईस्ट कमांड यानी CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि लगभग 90 ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज घाट, समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर और आसपास के सैन्य ठिकाने इस अभियान के मुख्य लक्ष्य थे। वहीं नागरिक बंदरगाह सुविधाओं और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान से बचाने की कोशिश की गई।



