59 का शेयर जो आपको बना सकता है मालामाल! दिग्गजों ने दिया खरीदने का सिग्नल, तुरंत देखें नया टारगेट

Share Performance June 2026: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में मंगलवार को मजबूत तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान शेयर में 6 प्रतिशत से अधिक की छलांग देखने को मिली और यह 59.25 रुपये तक पहुंच गया।

यह लगातार चौथा दिन है जब कंपनी के शेयर हरे निशान में बंद या ट्रेड कर रहे हैं। पिछले चार दिनों में कुल मिलाकर करीब 11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है। बाजार में इस तेजी को लेकर निवेशकों की रुचि फिर से बढ़ती दिख रही है।

लंबे समय की रणनीति पर कंपनी का फोकस

हाल ही में आयोजित निवेशक बैठक में सुजलॉन एनर्जी ने अपना भविष्य का रोडमैप साझा किया। कंपनी अब सिर्फ विंड एनर्जी तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि खुद को एक व्यापक रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना चाहती है।

कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 तक 25 प्रतिशत से अधिक की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ हासिल करना है। इसके साथ ही भारत के विंड एनर्जी बाजार में अपनी हिस्सेदारी को और मजबूत करना भी योजना का हिस्सा है।

कंपनी मौजूदा लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी को बढ़ाकर 40 प्रतिशत से ऊपर ले जाने की दिशा में काम कर रही है।

ब्रोकरेज हाउस का भरोसा और नए टारगेट

  • शेयर बाजार से जुड़ी कई ब्रोकरेज फर्म्स ने सुजलॉन एनर्जी पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है।
  • सेंट्रम ने शेयर पर खरीद की सलाह देते हुए 75 रुपये का लक्ष्य दिया है।
  • सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने 71 रुपये का टारगेट तय किया है।
  • मोतीलाल ओसवाल ने 65 रुपये का लक्ष्य और बाय रेटिंग दी है।
  • जेएम फाइनेंशियल ने भी 65 रुपये का टारगेट रखा है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में शेयर में और मजबूती देखने को मिल सकती है।

विंड एनर्जी सेक्टर में सरकार की सक्रियता

सरकार भी देश में विंड एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। केंद्रीय रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संबंधित संगठनों से देशभर के पुराने विंड टर्बाइनों का विस्तृत आकलन 30 दिनों के भीतर पेश करने को कहा है।

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उनका कहना है कि भारत में बड़ी संख्या में पुराने टर्बाइन मौजूद हैं जिन्हें आधुनिक और अधिक क्षमता वाले उपकरणों से बदला जा सकता है। इससे बिजली उत्पादन में बड़ा सुधार संभव है।

भारत ने 2030 तक 100 गीगावॉट और 2036 तक 156 गीगावॉट विंड एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

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