जूते खरीदने के लिए माँ ने बेच दिए थे गहने, अब बेटे ने IPL में 4 विकेट लेकर पूरी दुनिया को चौंका दिया

SRH versus RR 2026: सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान, सनराइजर्स हैदराबाद के दो खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इनमें से एक नाम प्रफुल हिंगे का था, जिन्होंने पहले ही ओवर में तीन विकेट लेकर राजस्थान रॉयल्स को चौंका दिया। दूसरी ओर थे बिहार के साकिब हुसैन, जो बेहद गरीब पृष्ठभूमि से निकलकर आए थे—एक ऐसा समय जब उनके पास खेलने के लिए जूते भी नहीं थे। एक खेतिहर मज़दूर के बेटे, साकिब ने आज क्रिकेट की दुनिया में अपनी एक खास जगह बना ली है। साकिब को IPL में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला, और उन्होंने इस मौके का पूरा-पूरा फ़ायदा उठाया।

साकिब ने छोड़ी अमिट छाप

साकिब ने अपने पहले ही मैच में चार विकेट लेकर एक अमिट छाप छोड़ी। यह देखते हुए कि राजस्थान रॉयल्स की टीम अपने पिछले चार मैचों में जीत की राह पर थी, साकिब का प्रदर्शन सचमुच यादगार साबित हुआ। राजस्थान रॉयल्स की बैटिंग लाइनअप अपनी विस्फोटक क्षमता के लिए मशहूर है; हालाँकि, साकिब के गेंदबाज़ी आक्रमण के सामने वह तूफ़ान पूरी तरह से शांत हो गया।

किसी भी खिलाड़ी के लिए अपने मौके का लंबे समय तक इंतज़ार करना और फिर मैदान पर उतरते ही ज़बरदस्त प्रदर्शन करना कोई आसान काम नहीं है। साकिब, बिहार के इस तेज़ गेंदबाज़ ने इस मौके को अपने हाथों से फिसलने नहीं दिया। प्रफुल हिंगे के साथ मिलकर, साकिब ने सनराइजर्स हैदराबाद को राजस्थान रॉयल्स को पूरी तरह से ध्वस्त करने में मदद की। दोनों ने चार-चार विकेट लेकर हैदराबाद के लिए दूसरी जीत पक्की की।

संघर्ष कहानी है बेमिसाल

IPL में साकिब का सफ़र त्याग की एक कहानी है। 2004 में एक साधारण परिवार में जन्मे साकिब ने बचपन से ही गरीबी को बहुत करीब से देखा है। उनके पिता, अहमद हुसैन, एक किसान थे। हालाँकि, घुटने की चोट के कारण उन्हें अपना काम छोड़ना पड़ा। नतीजतन साकिब को जल्द ही एहसास हो गया कि उन्हें आगे आकर अपने परिवार का मुख्य सहारा बनना होगा। साकिब की शुरुआती इच्छा भारतीय सेना में शामिल होने की थी, एक ऐसा लक्ष्य जिसके चलते वे हर दिन मैदान पर कई किलोमीटर दौड़ते थे।

इसी ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने क्रिकेट की गेंद थाम ली, और किस्मत उन्हें इस खेल की दुनिया में और भी गहराई तक ले गई। अपने घर-परिवार को चलाने में मदद करने के लिए, साकिब ने अपने आस-पड़ोस में टेनिस-बॉल क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। वह हर मैच से 500 से 1,000 रुपये कमाता था। हालाँकि यह रकम बहुत ज़्यादा नहीं थी, लेकिन उसके परिवार का गुज़ारा चलाने के लिए काफ़ी थी।

इस टीम के खिलाफ भारतीय टीम में डेब्यू कर सकते हैं वैभव सूर्यवंशी

जब साकिब ने फ़ास्ट बॉलिंग में करियर बनाने का फ़ैसला किया, तो उसे सही गियर और जूतों की ज़रूरत महसूस हुई। उसके परिवार की खराब आर्थिक हालत को देखते हुए, इस रास्ते पर चलने का सपना देखना भी एक दूर की कल्पना जैसा लगता था। उस समय, साकिब की माँ ने उसे जूते दिलाने के लिए अपने गहने बेच दिए। अपनी माँ के इस तोहफ़े से साकिब बहुत भावुक हो गया और उसने पहले से भी ज़्यादा मेहनत से ट्रेनिंग शुरू कर दी।

धीरे-धीरे, उसके खेल में सुधार आने लगा। आखिरकार, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी के दौरान, KKR की नज़र उसकी बॉलिंग की काबिलियत पर पड़ी और उसे IPL में खेलने का पहला मौका मिला। उसने KKR के साथ एक साल बिताया, लेकिन उसे मैदान पर उतरने का एक भी मौका नहीं मिला। 2026 में, हैदराबाद ने उसे अपनी टीम में शामिल कर लिया, और अपने पहले ही मैच में, साकिब ने दुनिया को साबित कर दिया कि उसका चयन वाकई एक सही फ़ैसला था।

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