सादा जीवन, फिर भी करोड़ों की संपत्ति; नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह विवादों में घिरे

Balen Shah Assets: नेपाल में इस समय राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह जो भ्रष्टाचार-विरोधी छवि और आम लोगों के नेता के तौर पर सत्ता में आए थे— ने अपने मंत्रिमंडल के साथ मिलकर अपनी संपत्ति सार्वजनिक रूप से घोषित कर दी है। हालाँकि, इन संपत्तियों से जुड़े आँकड़ों ने नेपाली जनता को चौंका दिया है और एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। 14 मिलियन नकद और 190 तोला सोने की भारी-भरकम संपत्ति घोषित करने के बाद, शाह को चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
पदभार ग्रहण करते ही संपत्ति का खुलासा
नेपाली कानून के अनुसार, मंत्री पद संभालने के 60 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति घोषित करना अनिवार्य है। हालाँकि, बालेन शाह के मंत्रिमंडल ने पदभार ग्रहण करने के सिर्फ़ एक महीने के भीतर ही यह जानकारी सार्वजनिक करके पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। फिर भी अब ऐसा लग रहा है कि यही प्रयास उन्हीं पर भारी पड़ रहा है। उनकी ज़मीन-जायदाद, सोना, शेयर और बैंक बैलेंस से जुड़े आँकड़ों के खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर ज़ोरदार चर्चा छिड़ गई है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह की ‘डिजिटल’ कमाई?
प्रधानमंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनके बैंक खाते में 14.6 मिलियन रुपये जमा हैं। गौरतलब है कि उन्होंने बताया है कि इस आय का मुख्य स्रोत Facebook और YouTube जैसे ‘डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म’ हैं। इसके अलावा, काठमांडू, धनुषा और महोत्तरी ज़िलों में उनके पास घर और ज़मीन-जायदाद है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 190 तोला सोना उनकी पुश्तैनी संपत्ति है, जो उन्हें अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है।
मंत्रिमंडल भी— दौलत में डूबा हुआ!
यह बात सामने आई है कि न केवल प्रधानमंत्री अमीर हैं, बल्कि उनके मंत्रिमंडल के मंत्री भी बेहद अमीर हैं।
वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले: शेयरों में उनका 19 मिलियन रुपये का निवेश है और बैंक में 9 मिलियन रुपये जमा हैं। ललितपुर में 20 मिलियन रुपये का एक घर, और विभिन्न स्थानों पर 107.5 मिलियन रुपये की ज़मीन-जायदाद उनके नाम पर पंजीकृत है।
गृह मंत्री सुदान गुरुंग: उनके पास 43.1 मिलियन रुपये के शेयर हैं और 89 तोला सोना है। तीन ज़िलों में उनके पास ज़मीन का विशाल मालिकाना हक है।
जनता का गुस्सा और जाँच की मांग
बालेन शाह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जन-आंदोलन के बाद सत्ता में आए थे। उन्होंने लगातार “VIP संस्कृति” का विरोध किया है। हालाँकि, उनकी अकूत संपत्ति का खुलासा होने से अब जनता के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। सोमवार को काठमांडू में छात्रों ने प्रदर्शन किया और इस संपत्ति के स्रोतों की निष्पक्ष जाँच की मांग की।
ईरान की ‘दादागिरी’ या अमेरिका की ‘जल्दबाजी’, जानें क्यों विफल हुई साल की सबसे बड़ी शांति वार्ता
“इतनी विशाल संपत्ति कहाँ से आई?”- यह सवाल अब आम नेपाली नागरिक पूछ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जहाँ संपत्ति की घोषणा पारदर्शिता का एक हिस्सा है, वहीं बालेन शाह के लिए अपनी आय के स्रोतों के संबंध में ठोस सबूत पेश किए बिना इस विवाद से बाहर निकलना मुश्किल होगा।



