विश्व युद्ध की आहट और आपकी रसोई पर हमला, जानें कैसे ट्रंप के एक फैसले ने बिगाड़ा आपका बजट

us iran war impact 2026: अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट सामने आने लगे हैं। देश में महंगाई की मार का असर शुरू हो गया है। महंगाई का पहला हमला घरेलू रसोई को झेलना पड़ा है। एलपीजी गैस के दामों में वृद्धि की खबर ने आम आदमी को बेचैन कर दिया है। घरेलू एवं कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के मूल्यों में वृद्धि की घोषणा हो चुकी है। अब घरेलू सिलेंडर 60 रुपए और कॉमर्शियल सिलेंडर 113.50 रुपए महंगा मिलेगा। सिलेंडर बुकिंग की अवधि भी बढ़ गई है। बुकिंग का अंतराल पंद्रह दिन से बढ़ाकर इक्कीस दिन कर दिया गया है।

भारत के इतर पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि की खबर है। गनीमत है कि भारत में सीएनजी गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम अभी स्थिर हैं। युद्ध के कारण महंगाई ने अभी सिर्फ ट्रेलर दिखाया है। मिडिल ईस्ट में जल्द हालात नहीं सुधरे तो महंगाई डायन को वह रूप समूची दुनिया को देखना पड़ सकता है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

अमेरिका की दादागिरी कब तक चलेगी

एलपीजी गैस महंगी होने से न सिर्फ घरेलू रसोई पर प्रतिकूल असर पड़ेगा बल्कि होटल, रेस्टोरेंट में भी खान-पान की कीमतें बढ़ सकती हैं। मिडिल ईस्ट में शांति बहाली के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। चीन, रूस और भारत जैसे बड़े देश चाहकर भी कोई प्रभावी कदम उठा नहीं पा रहे हैं। सवाल यह कि अमेरिका की दादागिरी कब तक चलेगी? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब तक मनमाने फैसलों से पूरी दुनिया को परेशान करते रहेंगे?

अमेरिका-इजरायल व ईरान के बीच छिड़ी जंग से भारत के आम नागरिकों का कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद आमजन को युद्ध के साइड इफेक्ट महंगाई के रूप में झेलने पड़ रहे हैं। भारत की अर्थव्यवस्था काफी तेजी से आगे बढ़ रही है, मगर विदेशी कारणों से अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने के आसार बार-बार बन रहे हैं। पहले अमेरिका ने मनमाना टैरिफ लागू कर दिया था।

अब युद्ध ने चिंता बढ़ा रखी है। देश में होली पर्व के दरम्यान गैस की खपत में काफी उछाल आया। पर्व गुजरने के बाद सिलेंडर खाली खाली होने पर उपभोक्ताओं को रिफिल की चिंता सताने लगी। उपभोक्ताओं ने बुकिंग के लिए कॉल किया, तो बुकिंग स्वीकार नहीं हुई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में पता चला कि बुकिंग की अवधि बढ़ चुकी है। इसके अलावा बड़ी औद्योगिक इकाइयों में एलपीजी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।

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युद्ध के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से कई इकाइयों ने अपनी भट्ठियां बंद कर दी हैं। निकट भविष्य में यह संकट और गहराने के आसार हैं। एलपीजी गैस के दामों में वृद्धि का राजनीतिक विरोध भी सामने आया है। कांग्रेस ने मोदी सरकार की आलोचना की है।

महंगाई की मार, भाजपा सरकार- कांग्रेस

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में टिप्पणी की है, “महंगाई की मार, भाजपा सरकार: अब धुएं में उड़ेगा मध्यम वर्ग का बजट!” क्या यही है वो ‘अच्छे दिन’ जिसका वादा किया गया था? एक अन्य पोस्ट में कांग्रेस ने लिखा कि, जमकर महंगाई की मार, ये है मोदी सरकार। नतीजन सरकार को विपक्ष के हमलों का सामना करना पड़ रहा है। एलपीजी गैस के बाद यदि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम भी बढ़ते हैं तो आमजन के समक्ष और बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी। ऐसे में जनता को महंगाई के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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