20 से 24 फरवरी को घर से निकलने से पहले पढ़ लें ये खबर, इन राज्यों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

फरवरी के अंत तक मौसम में बदलाव आने की संभावना थी, मगर इस बार चीज़ें अलग हैं। ठंडी का मौसम कब अलविदा कहेगा और क्या गर्मी आने से पहले मौसम अचानक करवट ले सकता है, ये सवाल हर किसी के मन में है। उत्तर भारत और देश के अन्य हिस्सों में मौसम में अस्थिरता ने लोगों को चौंका दिया है। आईएमडी के मुताबिक, 20 से 24 फरवरी के बीच मौसम में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
क्या कारण है मौसम के इस बदलाव का
ये बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के कारण हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार का मौसम प्रणाली है, जो भूमध्य सागर से उत्तरी भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों तक पहुंचता है। इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी से आ रही समुद्री नमी पूरे उत्तर और पूर्व भारत तक फैल जाती है, जिससे बादल, बारिश और आंधी जैसी घटनाएं होती हैं। यही कारण है कि मौसम अचानक अस्थिर हो गया है।
किस क्षेत्र में होगा सबसे ज्यादा असर
आईएमडी ने जिन राज्यों में मौसम के बदलाव का अलर्ट जारी किया है, उनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बदलाव: क्या हो सकता है असर
दिल्ली-एनसीआर में 20 फरवरी को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बादल छाने के साथ बारिश और आंधी चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। इस बदलाव से प्रदूषण स्तर में थोड़ी राहत मिल सकती है, मगर यातायात और उड़ानों पर हल्का असर देखने को मिल सकता है।
उत्तर भारत में अस्थिर मौसम: क्या असर होगा?
उत्तर प्रदेश, खासकर पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश में मौसम अस्थिर रहेगा। कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी और बादल छाने की संभावना है। हालांकि, यहां बारिश भारी नहीं होगी, फिर भी तापमान में गिरावट का अनुमान है। उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इससे तापमान में तेजी से गिरावट आएगी।
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज: क्या होगा असर
हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी के आसपास मौसम सक्रिय हो सकता है। शिमला, कुल्लू, मनाली और कांगड़ा में बारिश की संभावना है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हो सकती है। यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का कारण बन सकता है, मगर स्थानीय लोगों के लिए यह समस्याएं भी पैदा कर सकता है। पहाड़ी इलाकों में सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम हो सकती है।
पूर्वी भारत: बिहार और झारखंड पर क्या असर होगा?
बिहार में मौसम मिलाजुला रहेगा। हल्की धूप और ठंडी हवाएं दिन और रात का तापमान संतुलित रख सकती हैं। उत्तर और पूर्वी बिहार के कुछ क्षेत्रों में बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है। किसान इस वक्त फसल कटाई के दौरान सतर्क रहें, क्योंकि अचानक बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। झारखंड में 24 फरवरी के आसपास गरज और बिजली के साथ बारिश हो सकती है। रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे शहरों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
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दक्षिण भारत में मौसम का असर: क्या होगा परिणाम?
तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में हल्की बारिश और कोहरे के कारण दृश्यता में कमी हो सकती है।



