यमराज के पास पहुंचे 21, नक्सलियों पर काल बनकर टूट पड़े जवान
naxal encounter: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जनपद के सारंडा जंगल में माओवादी समूहों के खिलाफ जारी मुठभेड़ ने सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता दिलाई है। 36 घंटे तक चली इस सघन कार्रवाई में अब तक 21 नक्सली मारे जा चुके हैं जिनमें एक नामी माओवादी नेता भी शामिल है। ये घटना न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण है बल्कि इससे माओवादियों के मनोबल पर भी करारा धक्का लगा है।
नक्सली संगठन को मिला बड़ा झटका
22 जनवरी को सुरक्षा बलों ने माओवादी कमांडर अनल को 25 अन्य नक्सलियों के साथ घेर लिया था। मुठभेड़ के दौरान अनल और उसके साथी मारे गए। अनल पर झारखंड और ओडिशा सरकारों ने कुल मिलाकर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। इस बड़ी सफलता ने न सिर्फ माओवादियों के एक महत्वपूर्ण नेता को खो दिया बल्कि उनके नेटवर्क को भी बुरी तरह से प्रभावित किया।
माओवादी गतिविधियों का केंद्र रहा सारंडा जंगल
सारंडा के घने जंगल माओवादी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहे हैं। यहां सुरक्षाबलों पर कई बार बड़े हमले हो चुके थे जिनकी योजना में अनल का हाथ था। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई ने ये साबित कर दिया कि अब माओवादी संगठन की दुरुह स्थितियां और भी जटिल हो सकती हैं। मारे गए नक्सलियों में सैक कमांडर अनमोल उर्फ सुशांत भी शामिल है जो एक और अहम कड़ी था।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने छापेमारी के दौरान कई प्रकार के हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल माओवादी अपनी आतंकवादी गतिविधियों के लिए करते थे। इसके साथ साथ ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से जंगल के अंदर माओवादियों की तलाश जारी है।
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झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के जॉइंट ऑपरेशन की कामयाबी ने केवल माओवादी गुटों को कमजोर किया है बल्कि इसने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।



