गाँव से शहर तक: जय कश्यप की सफलता की कहानी

धम्मौर -सुल्तानपुर। सोमनाभर धामौर गाँव से निकलकर एक साधारण परिवार का बेटा जय कश्यप आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। वर्ष 2020 में जय कश्यप अपने नए सपनों और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ लखनऊ पहुँचे और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया।
लगभग 5 वर्षों तक आईटी सेक्टर में कार्य करने के दौरान उन्होंने तकनीकी अनुभव के साथ यह महसूस किया कि ग्रामीण और मध्यम वर्ग के कई होनहार छात्र सही मार्गदर्शन और महंगी फीस के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। इसी सोच के साथ जय कश्यप ने अपने साथियों दिव्यांशी तिवारी और विपिन कश्यप के साथ मिलकर एक ऐसे प्लेटफॉर्म की योजना बनाई, जहाँ कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिल सके।
इसी सोच से SkillManthan Technologies Pvt. Ltd. की शुरुआत की गई। यह संस्था न केवल युवाओं को सॉफ्टवेयर और आईटी क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, बल्कि वेबसाइट डेवलपमेंट और विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन्स भी विकसित कर रही है। संस्था का उद्देश्य छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।
सोमनाभर धामौर गाँव से शुरू हुई जय कश्यप की यह यात्रा यह साबित करती है कि मेहनत, सही सोच और लगन से कोई भी युवा अपनी पहचान बना सकता है।
अंकुरण परिवार ने एक बार फिर निभाया पुत्र धर्म
संवाददाता सुल्तानपुर
सुल्तानपुर। अंकुरण परिवार के द्वारा आज 59वें लावारिश शव का दाह संस्कार हिन्दू रीति रिवाज के साथ हथियानाला पर किया गया । अंकुरण परिवार के पास आज कोतवाली सुल्तानपुर से सूचना आई कि एक 26 से 30 वर्ष के व्यक्ति की मृत्यु तीन दिन पहले ही आजाद पार्क के पास हो गई थी। प्रशासन के द्वारा कोशिश करने के बावजूद मृतक के परिवार वालों का पता नही चल पाया,2 दिन बाद आज उनका पोस्टमार्टम हुआ।
इतनी जानकारी मिलने पर अंकुरण परिवार के सदस्यों ने उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी ली वृहस्पतिवार सायं 4 बजे हथियानाला पर हिन्दू रीति-रिवाज के पश्चात मृतक का दाह संस्कार किया गया व पूर्व की भांति मृतक को मुखाग्नि संस्था के मोहम्मद आरिफ खान एवं डॉ आशुतोष श्रीवास्तव ने दी,अंकुरण परिवार की तरफ से मनीष राज ,चंदन देव शुक्ला उपस्थित होकर मृतक की आत्मा हेतु शांति प्रार्थना की।कोतवाली नगर से शव के अंतिम संस्कार में आरक्षी विजय कुमार मौजूद रहे।



