क्वेटा से ट्रेनें गायब, पुलिस चौकियां जल रही हैं; एक रात में हुए 7 बम धमाके

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पिछले चौबीस घंटों ने सबको हिला कर रख दिया है। रातोंरात सात अलग-अलग बम धमाके हुए। निशाना बने रेलवे ट्रैक, पुलिस चौकियां और एक प्राइवेट कंपनी की साइट। सबसे ज्यादा मारामारी क्वेटा और डेरा मुराद जमाली में हुई। राजधानी क्वेटा में अब हर गली में डर का माहौल है।
सबसे बड़ा हमला क्वेटा के बाहरी इलाके लोहार करेज में हुआ। वहां विद्रोहियों ने IED से मुख्य रेलवे लाइन उड़ा दी। अब क्वेटा का बाकी पाकिस्तान से रेल का रास्ता पूरी तरह बंद पड़ा है। ट्रेनें खड़ी हैं। यात्री परेशान हैं।
इसी शहर में एक पुलिस चेकपोस्ट पर किसी ने हैंड ग्रेनेड फेंक (blast in balochistan) दिया। थोड़ी दूर काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट की गाड़ी के पास भी IED फोड़ा गया। रविवार सुबह तो हद हो गई। बाइक सवार दो हमलावर मनजूर शहीद पुलिस थाने के सामने पहुंचे और दो ग्रेनेड दागकर फरार हो गए।
सारियाब रोड पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप में भी ग्रेनेड फेंका गया। वहां रखी भारी मशीनें क्षतिग्रस्त हो गईं। दो सिक्योरिटी गार्ड बुरी तरह जख्मी हुए। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया।
इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली
अब तक किसी भी उग्रवादी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली। मगर सबको पता है कि बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी गुट लंबे समय से सक्रिय हैं। पाकिस्तानी फौज और पुलिस ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
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लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक चलेगा ये खूनी खेल। हर दूसरे-तीसरे दिन धमाके। हर बार वही कहानी जांच शुरू, सुरक्षा बढ़ाई गई। मगर हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे। बलूचिस्तान एक बार फिर दहशत के साए में डूब गया है।



