हजारों साल पुराना चर्च बनी थी मस्जिद, अब वहां जा रहे हैं Pope Leo

इस हफ्ते Pope Leo चौदहवें ने अपना पासपोर्ट उठाया और सीधे तुर्किए की फ्लाइट पकड़ ली। ये कोई आम यात्रा नहीं है। मई में पोप फ्रांसिस के निधन के बाद वेटिकन की कुर्सी संभालने वाले नए पोप का ये सबसे पहला विदेशी दौरा है। पूरी दुनिया सांस रोककर देख रही है कि एक तरफ एर्दोगान हैं तो दूसरी तरफ ईसाई जगत के सर्वोच्च नेता। बीच में हागिया सोफिया का पुराना जख्म और मध्य-पूर्व का जलता हुआ इलाका।

हागिया सोफिया का साया और सिर्फ 0.1% ईसाई

तुर्किए की 8.6 करोड़ आबादी में ईसाई सिर्फ ढाई लाख के आसपास बचे हैं। जो चर्च बचा था उसमें सबसे बड़ा नाम हागिया सोफिया था। पहले मस्जिद था फिर 1000 साल चर्च रहा। 86 साल म्यूजियम रहा और अब फिर मस्जिद बना दिया गया। पोप वहां नहीं जा रहे लेकिन हर कोई जानता है कि ये घाव अभी ताजा है। फिर भी पोप ने मुस्कुराते हुए कहा कि वो संवाद और दोस्ती की बात करने जा रहे हैं।

जिंदा हैं या नहीं; इमरान खान पर रहस्य गहराया, अफगान मीडिया में ‘हत्या’ की अटकलें

एर्दोगान से मुलाकात में क्या बोलेंगे पोप?

सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पोप लियो एर्दोगान से क्या कहेंगे। तुर्किए में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी हो रही है। मानवाधिकारों की बातें उठती हैं। ईसाइयों की हालत अच्छी नहीं कही जाती। मगर वेटिकन जानता है कि मध्य-पूर्व में शांति चाहिए तो तुर्किए को नाराज नहीं कर सकते। इसलिए पोप अपनी बात बहुत सोच-समझकर रखेंगे। पहले राजनेताओं और सिविल सोसाइटी से मिलेंगे फिर राष्ट्रपति से हाथ मिलाएंगे। उसके बाद लेबनान जाएंगे जहां हालात और भी खराब हैं।

मीडिया का नया चहेता पोप

Pope Leo को कैमरे बहुत पसंद हैं। मीडिया से खुलकर बात करते हैं। हंसते हैं। सवालों का सीधा जवाब देते हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के लोग उनकी हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं। तुर्किए में उनका हर शब्द सुर्खियां बनेगा। अगर उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म के बीच दोस्ती की बात की तो अच्छा। अगर कहीं थोड़ा सख्त लहजा हो गया तो तनाव बढ़ सकता है।

Related Articles

Back to top button