किताब चोरी के आरोपी ने विश्वविद्यालय बनाया: आज़म खान ने किया तंज
SIR पर बोले आजम खान- चुनाव काफी दूर है यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है

मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
आजम खान ने कहा कि सिर्फ डेढ़ महीने पहले किसी प्रदेश के चुनावों में SIR’ कहे जाने का मसला उठाया गया था। लोगों को यह अलग लगा और यह आशंका हुई कि कहीं संवैधानिक संस्थाएं अपने अधिकारों का गलत तरीके से उपयोग तो नहीं कर रही — सत्ता को फायदा पहुँचाने के लिए। स्थिति तब और स्पष्ट हुई जब एक संवैधानिक संस्था के खिलाफ दूसरी संवैधानिक संस्था ने अपना रुख दिखाया।
पहले उन्होंने अनुरोध किया, जब अनुरोध मान्य नहीं हुआ तो उन्होंने आदेश दिया — और वह आदेश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का था। जाहिर है उस से बड़ी कोई ताकत देश में नहीं है जो आदेश रद्द कर सके। उस संस्था ने चुनाव आयोग को आईना दिखाया। अफसोस की बात यह है कि चुनाव आयोग जैसी संस्था पर उंगलियाँ उठीं और उस पर असंवैधानिक काम करने का आरोप लगा।
लोगों ने ‘चोर’ शब्द का भी इस्तेमाल देखा — जिससे गलत धारणाएँ बनीं। सामान्य स्थिति में चुनाव काफी दूर है, पर जब ये बातें बार-बार उठती हैं तो लोगों में प्रश्न खड़े होते हैं। जब वोट घटाए या बढ़ाए जाते हैं तो सारे राजनीतिक दल सक्रिय हो जाते हैं — सब मिलकर बैठते हैं, सलाह-मशवरा करते हैं
आजम खान बोले: “जिन्हें खत्म बताया गया, वे आज भी जिंदा हैं — देश सच जान चुका है”
रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने आज मीडिया से बातचीत के दौरान तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में जिन लोगों को ‘खत्म’ कर दिए जाने का दावा किया जा रहा है, वे अब भी सक्रिय हैं।
आजम खान ने कहा जिन लोगों को खत्म बताया गया, वे आज भी जिंदा हैं। उनकी असलियत आपके चैनल और मीडिया ने खुद दिखा दी है। देश अब समझ चुका है कि सच क्या है।
बयान के दौरान आजम खान ने अपने ऊपर और अपने परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कुल 114 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि उनकी पत्नी और बच्चों सहित परिवार पर लगभग 350 मुकदमे दर्ज किए गए हैं
इसके साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए कटाक्ष किया कि जिन पर किताब चोरी का मुकदमा था, उन्होंने आज विश्वविद्यालय बना लिया। यह कैसी विडंबना है? क्या किताब चोरी से विश्वविद्यालय खड़े होते हैं?
बिहार चुनाव पर भाजपा शहर विधायक के बयान का आज़म ख़ान ने किया पलटवार
रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान ने आज भाजपा के शहर विधायक के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें प्रदेश में माफिया को लेकर टिप्पणी की गई थी।
आज़म ख़ान ने कहा कि बिना वज़न के बयान देने से पहले व्यक्ति को अपनी पृष्ठभूमि और इतिहास भी देख लेना चाहिए। आज़म ख़ान ने कहा जहां तक किसी नेता के कहने की बात है — वह नेता नहीं है। उसने यहां भी वोटों पर हाथ साफ़ किया, और दूसरी जगह भी यही किया। मुझे माफिया कहने वाला वह व्यक्ति उस शख्स का बेटा है जिसे रामपुर में अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वह खुद भी नकल चोरी जैसे मामलों में नामज़द रहा है।
आज़म ख़ान ने आगे कहा कि यदि ऐसे लोग विधायक या सांसद बनें और उन्हें केंद्र की सुरक्षा, Z+ कवर और ब्लैक कमांडो मिल जाएं, तो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा सबको अपने गिरेबान में झांककर देख लेना चाहिए। कुछ ऐसे मामले और चीजें भी हैं, जिन्हें फिलहाल हमने रोका हुआ है। अगर बात आगे निकली, तो बहुत दूर तक जाएगी।



