एसआईआर पर मुख्तार अब्बास नकवी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
रामपुर। दो दिवसीय दौरे पर आए बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एसआईआर को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर कड़ा रुख अपनाया। नकवी ने कहा कि एसआईआर (विशेष मतदाता पुनरीक्षण) चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची को शुद्ध करना है। मगर कुछ राजनीतिक दल इसे सांप्रदायिक रंग देकर देश में भय और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए नकवी ने कहा कि “किसी भी भारतीय मुसलमान की न नागरिकता खतरे में है और न ही उनके मताधिकार पर कोई खतरा है। 100% नागरिकता सुरक्षा संविधान द्वारा सुनिश्चित है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष धर्मनिरपेक्षता के नाम पर छल और भ्रम का अभियान चलाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार प्रहार कर रहा है। नकवी ने कहा कि बिहार में भी चुनाव के दौरान मतदाताओं को हतोत्साहित करने के लिए वोट चोरी और विदेशी मॉडल की अफवाहें फैलाई गईं, लेकिन जनता ने रिकार्ड मतदान कर यह संदेश दे दिया कि लोकतंत्र मजबूत और जीवंत है।
आजम खान द्वारा बिहार में ‘जंगलराज’ लौटने की टिप्पणी पर नकवी ने प्रत्यक्ष टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि “बिहार की जनता ने जंगलराज की री-एंट्री पर ‘नो-एंट्री’ का बोर्ड लगा दिया है और सुशासन की निरंतरता के लिए मतदान किया है।”
नकवी ने दोहराया कि एसआईआर एक सामान्य प्रशासनिक और चुनावी प्रक्रिया है, जिसमें वैध मतदाताओं की पूरी सुरक्षा होती है और मतदाता सूचियों में डुप्लिकेशन या त्रुटियों की समीक्षा मात्र की जाती है। इसे लेकर सांप्रदायिक भ्रम फैलाना जनता को गुमराह करने की एक सोची-समझी साजिश है।



