रेलवे अंडरपास बने परेशानी का सबब
बलरई,बीबामऊ,राजपुर और पिपरेधी में सालभर से है जलभराव,आवागमन दुश्वार

जसवंतनगर,इटावा। स्थानीय जनता की सुविधा के लिए बनाए गए रेलवे अंडरपास अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। दिल्ली–हावड़ा और डीएफसीसी रेल लाइन के नीचे बनाए गए बलरई, बीबामऊ,राजपुर और पिपरेधी के अंडरपासों में सालभर पानी भरा रहने से लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। सही स्तर और निकासी व्यवस्था न होने के कारण बिना बारिश के भी इन अंडरपासों में रोजाना पानी भरा रहता है, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना रहता है।
बलरई में जलभराव से दुपहिया चालक परेशान हैं। बलरई रेलवे गेट संख्या 38सी पर बना अंडरपास पानी भराव की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित है। यहां की जमीन से लगातार पानी रिसता रहता है, जिससे रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। स्थानीय निवासी और सेंट्रल बैंक के बीसी सतेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना इस रास्ते से गुजरना मजबूरी है,लेकिन डर हमेशा बना रहता है कि कहीं वाहन बंद न हो जाए या फिसलकर कोई दुर्घटना न घट जाए।
वहीं भगवान सिंह ने कहा कि जलभराव की वजह से लोग अक्सर दूसरी ओर से लंबा चक्कर लगाकर गुजरते हैं।
बीबामऊ अंडरपास भी डूबा रहता है पानी में गांव बीबामऊ के पास गेट संख्या 40सी पर बने अंडरपास की स्थिति भी कोई अलग नहीं है। यहां भी पानी रिसकर भर जाता है, जिससे ग्रामीणों का जीवन कठिन हो गया है। रामकिशोर,देवेंद्र सिंह,पिंटू समेत कई लोगों ने बताया कि महीनों से यह समस्या बनी हुई है। प्रशासन के कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
राजपुर अंडरपास में सालभर भरा रहता है पानी राजपुर गांव के पास गेट संख्या 36सी पर दिल्ली–हावड़ा और डीएफसीसी रेल लाइन के नीचे बना अंडरपास भी सालभर जलभराव से जूझ रहा है। ग्रामीण सौरभ, शैलेन्द्र, रिंकू और पिंटू का कहना है कि यहां बारहों महीने पानी भरा रहता है। कई बार वाहन फंस चुके हैं और छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कत होती है।
पिपरेदी में बच्चों की जान जोखिम में गेट संख्या 34सी पर पिपरेधी गांव के पास बना अंडरपास तो मानो तालाब में बदल गया है। यहां तीन से चार फुट तक पानी भरा रहता है, जिसके चलते आने वाले स्कूली बच्चे रोजाना चार रेल लाइनें पार कर स्कूल पहुंचते हैं। अभिभावकों का कहना है कि यह बच्चों की सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ है।वहीँ इसी अंडर पास में जमीन से बुलबुले देकर पानी अपने आप निकलता रहता है।
प्रशासन से मिला समाधान का भरोसा
इस संबंध में एसडीएम कुमार सत्यमजीत सिंह ने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता की जाएगी और समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। स्थानीय लोग अब यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ठोस कदम उठाए, ताकि ये अंडरपास राहत का नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बने रहना बंद करें।



