Money Heist देखकर 150 करोड़ की ठगी; ऐसे जाल में फंसे थे लोग, हुआ पर्दाफाश

अगर आप भी शेयर बाजार से मोटा मुनाफा कमाने की सोच रहे हैं, तो अभी से सावधान हो जाइए, क्योंकि पुलिस ने वेब सीरीज “Money Heist” से प्रेरित होकर लोगों को ठगने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया पर एक गुप्त ग्रुप बनाकर लोगों से 150 करोड़ रुपये से ज़्यादा की ठगी की। आरोपियों के नाम अर्पित और प्रभात है।
जल्दी पैसा कमाने की चाहत में आरोपियों ने गलत रास्ता अपनाया। शुरुआत में उन्होंने “हाई रिटर्न इन्वेस्टमेंट” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और कुछ चीनी नागरिकों को ज़्यादा रिटर्न का लालच दिया। ज्यादा रिटर्न के लालच में आकर लोगों ने शेयर बाजार में भारी निवेश किया, लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आई, तो उन्होंने अपने खाते ब्लॉक कर दिए। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने देशभर में 300 से ज़्यादा लोगों को ऑनलाइन ठगा।
ऐसे की 150 करोड़ की ठगी
पुलिस जांच में पता चला कि पेशे से वकील अर्पित ने गुप्त ग्रुप में अपना नाम Money Heist का प्रोफेसर बताया था। प्रभात बाजपेयी एमसीए स्नातक हैं। अब्बास ने सिम कार्ड और बैंक खाते मुहैया कराए। ये लोग देशभर में 23 करोड़ रुपये की डिजिटल धोखाधड़ी के लिए ज़िम्मेदार हैं।
शिकायत के अनुसार, जालसाज़ों ने एक नामी वित्तीय कंपनी का प्रतिनिधि बनकर एक व्यक्ति से 21.77 लाख रुपये ठग लिए। जैसे ही व्यक्ति ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जांच टीम ने आनन फानन तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया। बैंक लेनदेन, कॉल विवरण और आईपी लॉग का उपयोग करके, पुलिस ने नोएडा, उत्तर प्रदेश और गुवाहाटी में जालसाज़ों के ठिकानों का पता लगाया, जिससे 150 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का पता चला।
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इन शहरों में छापेमारी कर जुटाए गए सबूत
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नोएडा और सिलीगुड़ी में छापेमारी की। पुलिस ने भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य ज़ब्त किए, जिनमें 11 मोबाइल, 17 सिम कार्ड, 12 बैंक पासबुक/चेकबुक, 32 डेबिट कार्ड और कई व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन लेनदेन के स्क्रीनशॉट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिक्योर द गेम और पिंटोज़ नाम के गुप्त व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए काम कर रहे थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी आलीशान होटलों का इस्तेमाल कर रहे थे, जहां से वे मोबाइल पर साइबर अपराध कर रहे थे।



