नया चुनावी शोर, पुरानी सियासी रणनीति: बिहार में ‘जंगलराज’ का जादू फिर से

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में ‘जंगलराज’ का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ चुका है। विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच मतदाताओं को रिझाने के लिए एनडीए गठबंधन ने दोबारा से ‘नई बोतल में पुरानी शराब’ का सहारा लिया है।
चुनावी जनसभाओं में ‘जंगलराज’ का जोर-शोर से जिक्र कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कुशासन की याद दिलाई जा रही है। पलटवार करने में इंडिया गठबंधन भी पीछे नहीं है। वह पीएम मोदी व सीएम नीतीश कुमार के अलावा भाजपा और जदयू पर निरंतर निशाना साध रहा है। ऐसे में बिहार की चुनावी जंग तीखी और दिलचस्प दिखाई दे रही है। कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन, करप्शन बिहार में राजद के ‘जंगलराज’ की पहचान हैं। पीएम मोदी ने यह बयान देकर राजद-कांग्रेस पर चुन-चुनकर हमला किया है। उन्होंने कहा है कि राजद-कांग्रेस की पहचान इन पांच चीजों से होती है।
ये महाठगबंधन है, ठगों की दुकान है (CM Rekha Gupta targeted opposition)
उन्होंने राहुल गांधी व तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। इसी कड़ी में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी विपक्ष पर निशाना साधने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। चुनाव प्रचार के सिलसिले में पटना पहुंचीं रेखा गुप्ता ने कहा कि ये महाठगबंधन है, ठगों की दुकान है। जो चारा गए, वो दाना डालकर सोच रहे हैं कि जनता इस दाने के झांसे में आ जाएगी। ऐसा नहीं होने वाला है।
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उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर की चुनावी रैली में कहा था कि यदि मतदाता कहें तो मोदी नाचने को भी तैयार हो जाएंगे। उन्होंने महाराष्ट्र में वोट चुराए, हरियाणा में चुराए और बिहार में भी पूरी कोशिश करेंगे। राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लालू यादव और राहुल को बिहार में घुसपैठियों का संरक्षक करार दे दिया।
मतदान की तिथियां नजदीक आते ही जुबानी जंग तेज (Bihar Election Strategy 2025)
वहीं, जैसे-जैसे 2025 Bihar Vidhan Sabha Chunav की तिथियां नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे जुबानी जंग तेज हो रही है। एक दौर था जब बिहार में लालू यादव का सिक्का चला करता था। लालू सरकार के दौरान इस राज्य में अपराधों का ग्राफ हमेशा आसमान पर रहा। चोरी, लूट, डकैती, अपहरण और बलात्कार जैसे संगीन अपराध आम बात थी। शादी में आए मेहमानों को एयरपोर्ट से रिसीव करने के लिए शोरूम से दिनदहाड़े वाहन तक लूट लिए जाते थे। अपराधों के अलावा चारा घोटाले ने लालू परिवार की छवि को बुरी तरह प्रभावित किया था।
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नतीजन बिहार में चुनावी मौसम के दरम्यान राजद को ‘जंगलराज’ व ‘चारा घोटाले’ की तोहमत झेलनी पड़ती है। प्रत्येक चुनाव में राजद का काला अतीत लालू परिवार के सामने आकर खड़ा हो जाता है। छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीति में आए लालू यादव ने देश की सियासत में अपनी अलग पहचान कायम की, मगर गलत कृत्यों के कारण वह अर्श से फर्श पर पहुंच गए। बिहार में फिलहाल अपनी राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए लालू यादव और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
इंडिया गठबंधन ने तेजस्वी को सीएम फेस घोषित कर रखा है। सूबे में सत्ता पाने की यह जंग निरंतर तीखी हो रही है। विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन और इंडिया गठबंधन में कांटे की टक्कर बताई जा रही है। जनता का प्यार व साथ किसे मिलेगा, यह चुनाव बाद पता चल जाएगा। हालांकि कुछ शीर्ष नेता जिस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं, वह चुनावी जंग में आग में घी डालने का काम कर रही है।



