Chirag Paswan ने खेला ऐसा दांव कि NDA रह गया हैरान, विपक्ष को हो सकता है फायदा

Chirag Paswan के नए बयान से राजनीति और तेज हो चुकी है। बिहार में नीतीश गुट के अंदर सीट बंटवारा तो हो गया है मगर टकराव अभी भी बना हुआ है। पहले जेडीयू के अंदर से नाराजगी की खबरें आ रही थी और अब चिराग पासवान का ऐसा बयान आया है जिसने एनडीए के अंदर तूफान उठा दिया है। बीजेपी नेताओं के बयान अलग से गठबंधन की परेशानी को बढ़ा रहे हैं। तो जानिए कैसे बिहार विधानसभा चुनाव में मुश्किल में फंसा एनडीए।
एनडीए बिहार की मुसीबत कम होती नहीं दिख रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुसलमानों को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसे लेकर जेडीयू और एलजेपीआर के नेताओं में गुस्सा दिखाई दे रहा था। तो अब चिराग पासवान ने कहा है कि उनकी पार्टी की नजर लंबे समय से बिहार के सीएम पद के साथ केंद्र में पीएम पद पर भी टिकी हुई है।
सीट बंटवारे में देरी के चलते चुनाव नहीं लड़ पा रहे Chirag Paswan
Chirag Paswan ने कहा कि सीट बंटवारे में देरी के चलते वो चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। इससे पहले वह अपने पिता को सीएम और पीएम दोनों बनते देखना चाहते थे। जबकि हाल ही में एलजेपीआर की तरफ से चिराग पासवान को सीएम बनाने वाले बयान सामने आ रहे थे। यानी चिराग ने नीतीश की चिंता तो पहले से ही बढ़ा रखी थी। अब उन्होंने पीएम मोदी की चिंता को भी बढ़ा दिया है कि उनकी निगाहें दिल्ली पर भी हैं।
बीजेपी और जेडीयू के बागी खिलाफ लड़ रहे चुनाव
वैसे विवाद बढ़ा तो चिराग की तरफ से सफाई भी दी और कहा कि पहली बार एलजेपीआर नीतीश को सीएम बनाने के लिए चुनाव लड़ रही है। वैसे एनडीए की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। जिन विधायकों के टिकट बीजेपी और जेडीयू ने काटे थे अब उनमें से अधिकांश बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। भागलपुर के गोपालपुर से जेडीयू विधायक गोपाल मंडल का टिकट कट गया है। उनकी जगह पूर्व सांसद शैलेंद्र उर्फ़ बुलो मंडल को जदयू का टिकट मिला है। इससे नाराज गोपाल मंडल ने निर्दलीय पर्चा भरा है।
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महुआ से वर्ष 2020 में जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ी आसमा परवीन इस बार निर्दलीय मैदान में हैं। एनडीए में इस सीट से एलजेपीआर का उम्मीदवार हैं। ऐसे में जेडीयू के कार्यकर्ता एनडीए की जगह आसमा के साथ दिखाई दे रहे हैं। ये स्थिति छपरा में है। यहां बीजेपी ने राखी गुप्ता को टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। सिवान के सुरक्षित सीट दरौली में भाजपा के बागी मनोज राम निर्दलीय उतर गए हैं। यह सीट भी लोजपा आर को चली गई है। यह हालात कई सीटों पर हैं जिसके चलते एनडीए कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।



