afghanistan vs pakistan army: सीधी जंग में किसकी सेना जीतेगी, जानें

afghanistan vs pakistan army: 11 अक्टूबर की रात को अफ़ग़ान सेना ने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर सात जगहों पर भारी हमला किया। अफगानिस्तान के दावे के मुताबिक़ इस कार्रवाई में 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 7 को बंदी बना लिया गया। अफ़ग़ान सैनिकों ने कुछ पाकिस्तानी हथियार भी ज़ब्त कर लिए हैं। जवाब में पाकिस्तान ने भी भारी गोलाबारी की, जिसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच साढ़े तीन घंटे तक झड़प हुई।
इन घटनाओं के बाद एक बड़ा सवाल उठता है कि तालिबान की सैन्य ताकत कितनी है और वे pakistan army का सामना कब तक कर सकते हैं?
दोनों देश गरीब, अस्थिर और संघर्षग्रस्त हैं
पाकिस्तान और अफगानिस्तान दशकों से गरीबी, राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवाद की समस्याओं से जूझ रहे हैं। दोनों की सीमाओं पर लगातार तनाव बना रहता है, जिसके कारण बाहरी ताकतें अक्सर इस क्षेत्र में अपना प्रभाव स्थापित करने की कोशिश करती रही हैं। पाकिस्तान 1947 से ही अस्थिर रहा है। हालाँकि, 2021 में afghanistan से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद, तालिबान ने फिर से सत्ता हासिल कर ली।
अफगानिस्तान की ताकतें और सीमाएं (afghanistan army)
तालिबान के पास वर्तमान में लगभग 2,00,000 सैनिकों की सेना है। ये लड़ाके पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में लड़ने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं। उनकी ताकत पारंपरिक युद्ध में नहीं, बल्कि गुरिल्ला शैली के युद्ध (अचानक हमले, तेज़ गति और विनाशकारी रणनीति) में निहित है।
तालिबान के पास मौजूद हथियार
अफगानिस्तान के पास अपनी आधुनिक हथियार तकनीक नहीं है। इसके बजाय, उनके पास जो हथियार हैं, वे मुख्यतः संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा छोड़े गए हथियार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अफ़ग़ान सेना के पास सैकड़ों टैंक, कुछ बख्तरबंद वाहन, और अमेरिकी राइफलें और रॉकेट लॉन्चर हैं। मगर इनमें से ज़्यादातर उपकरण पुराने या सीमित हैं।
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वायु शक्ति
अफगानिस्तान के पास वर्तमान में कोई सक्रिय लड़ाकू विमान नहीं है। 2016-2018 के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रदान किए गए A-29 सुपर टूकानो हल्के हमलावर विमान (लगभग 26) अभी भी कुछ हद तक चालू हालत में हैं। कुछ हेलीकॉप्टर और ड्रोन उपलब्ध हैं, मगर उनका उपयोग सीमित है। हवाई युद्ध में अफगानिस्तान पाकिस्तान की तुलना में बहुत कमज़ोर है।
मिसाइल और वायु रक्षा
मिसाइल शक्ति के मामले में भी अफगानिस्तान पिछड़ा हुआ है। वहाँ कुछ पुराने सोवियत काल की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जो अब कम प्रभावी हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान ने हाल ही में एक नई मिसाइल प्रणाली खरीदी है, मगर इसका स्रोत स्पष्ट नहीं है। उनके पास आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली नहीं है, केवल कम दूरी की विमान-रोधी तोपें और रॉकेट लांचर हैं। रूस की मदद से तालिबान अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, मगर यह अभी भी प्रारंभिक स्तर पर है।
पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तान के 75 साल के इतिहास के बावजूद वहाँ की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। लगातार सैन्य तख्तापलट, राजनीतिक अस्थिरता, आतंकवाद के बढ़ते प्रभाव और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से वित्तीय सहायता पर निर्भरता के कारण पाकिस्तान वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
किसका पलड़ा भारी (afghanistan vs pakistan)
ज़मीनी युद्ध में अफ़ग़ान तालिबान लड़ाके अपनी गुरिल्ला रणनीति के कारण बढ़त हासिल कर सकते हैं। मगर हवाई और तकनीकी युद्ध में, पाकिस्तान ज़्यादा सक्षम है क्योंकि उसके पास आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणालियाँ और प्रशिक्षण है। दोनों देशों में से किसी के पास दीर्घकालिक युद्ध के लिए वित्तीय क्षमता नहीं है, मगर यदि यह संघर्ष बढ़ता है, तो यह पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है।



