वरिष्ठ लिपिक आत्महत्या केस में पुलिस का एक्शन

इटावा। इटावा नगर पालिका परिषद में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव की आत्महत्या मामले ने जिले की सियासत और प्रशासन दोनों को हिला दिया है। इस प्रकरण में समाजवादी पार्टी की चेयरमैन ज्योति गुप्ता के पति और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू की गिरफ्तारी के लिए इटावा पुलिस ने पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
सोमवार देर रात एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कुलदीप गुप्ता को वांछित अभियुक्त घोषित करते हुए इनाम का ऐलान किया। बताया जा रहा है कि पुलिस जल्द ही उनके खिलाफ हिस्ट्रीशीट भी खोल सकती है। बीते 26 सितंबर को नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक और शिक्षक कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव रहे राजीव यादव ने यमुना नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
आत्महत्या से पहले उन्होंने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति गुप्ता, उनके पति पूर्व अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा, सेवानिवृत्त पेशकार अतर सिंह सेंगर और सेवानिवृत्त अधीक्षक सुनील वर्मा पर गंभीर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। मृतक के पुत्र सिद्धार्थ यादव की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने सभी पांचों को नामजद किया था।
मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गए थे, जिसके बाद विवेचक काशिफ हनीफ ने बीते सोमवार को उनके घरों पर नोटिस चस्पा कर पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होने की चेतावनी दी थी। यह मामला समाजवादी पार्टी की चेयरमैन से जुड़ा होने के चलते जिले की राजनीति में भी जबरदस्त चर्चा में है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव मृतक राजीव यादव के घर जाकर परिजनों से मिले और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
वहीं कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल भी परिवार से मिला और मृतक के पुत्र सिद्धार्थ यादव को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। शिक्षक कर्मचारी एसोसिएशन, कांग्रेस नेताओं, विपक्षी दलों ने भी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
इसी के साथ सपा नेताओं से पीड़ित परिवार ने आरोपी चेयरमैन और उसके पति को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है। राजीव यादव अपने संगठनात्मक काम और कर्मचारियों की आवाज बुलंद करने के लिए जाने जाते थे। उनके निधन ने पूरे नगर पालिका परिवार और कर्मचारी संगठनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि फरार आरोपी कब गिरफ्तार होंगे और राजीव यादव को न्याय कब तक मिलेगा।



