trump tariffs on imported furniture: अमेरिकी राष्ट्रपति का टैरिफ ‘खेल’ जारी

trump tariffs on imported furniture: 25 सितंबर की आधी रात को अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर टैरिफ का हथियार इस्तेमाल किया। उन्होंने दवाइयों पर 100 प्रतिशत और फर्नीचर पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया। इसका असर भारतीय उद्योगों पर भी पड़ेगा।
donald trump ने दवा क्षेत्र के साथ-साथ furniture क्षेत्र को भी बड़ा झटका दिया है। भारत दुनिया भर में फर्नीचर का निर्यात करता है। लकड़ी, प्लास्टिक, बेंत और बांस से बने फर्नीचर का भारत से भारी मात्रा में निर्यात होता है।
भारत से अधिकतर फर्नीचर अमेरिका, फ्रांस और नीदरलैंड जैसे देशों को निर्यात किया जाता है। इसे भारत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि imported furniture को लेकर trump ने भारत पर 50 प्रतिशत tariffs लगा दिया है। 2022-23 में भारत का फर्नीचर निर्यात 5 अरब डॉलर का था। 2022-23 में वैश्विक फ़र्नीचर बाज़ार का आकार 23 अरब डॉलर था।
ये भी पढ़े- Trump latest news: ट्रंप ने रूस की सेना को बताया ‘कागज़ी शेर’
भारतीय फर्नीचर उद्योग 6 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और इस फ़ैसले का असर इस पर पड़ेगा। ट्रेड इकोनॉमिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका को फर्नीचर, लाइटिंग और प्रीफैब्रिकेटेड बिल्डिंग श्रेणियों के उत्पादों का निर्यात 1.14 अरब डॉलर (10,000 मिलियन डॉलर) था।
विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 324.6 मिलियन डॉलर मूल्य के लकड़ी के फ़र्नीचर का निर्यात किया है। भारत में फ़र्नीचर उद्योग के विकास के साथ-साथ, एक बड़े बाज़ार ने 50 प्रतिशत टैरिफ़ लगा दिया है।
भारतीय कंपनी नीलकमल लिमिटेड संयुक्त राज्य अमेरिका को अलग अलग प्रकार के furniture का निर्यात करती है। 2023 में, इस कंपनी ने 55 से 60 करोड़ रुपये मूल्य के सामान का निर्यात किया।
गोदरेज इंटेरियो भी अलग अलग प्रकार के furniture उत्पाद बनाती है। इस कंपनी को अमेरिका में भी ठेके मिलते हैं। इस कंपनी के अमेरिका को निर्यात के आंकड़े सार्वजनिक नहीं हैं, मगर ये कंपनी करोड़ों रुपये का फर्नीचर निर्यात करती है।
फेदरलाइट भी भारत की एक प्रमुख furniture कंपनी है। यह कंपनी अमेरिका को सामान निर्यात करती है। शीला फोम (स्लीपवेल) कंपनी भी वैश्विक स्तर पर कारोबार करती है।



