Swami Chaitanyananda Saraswati कौन हैं, जिन पर 16 लड़िकयों ने लगाया गंदा काम करने का आरोप

दिल्ली पुलिस ने श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान की छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद स्वयंभू संत स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी अब तक फरार है।

Swami Chaitanyananda Saraswati: दिल्ली पुलिस ने एक बड़े यौन उत्पीड़न केस में स्वयंभू धर्मगुरु Swami Chaitanyananda Saraswati उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब वसंत कुंज उत्तर पुलिस स्टेशन में 4 अगस्त को संस्थान की कई छात्राओं ने सनसनीखेज आरोप लगाए।

कौन हैं पीड़ित

शिकायत श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान की छात्राओं द्वारा की गई। ये सभी ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की छात्राएं थीं, जो पीजीडीएम कोर्स कर रही थीं। पूछताछ में 32 में से 17 छात्राओं ने आरोप लगाया कि सरस्वती ने उनसे अश्लील बातें कीं, अनुचित संदेश भेजे और कई बार शारीरिक छेड़छाड़ भी की।

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी (Swami Chaitanyananda Saraswati) संस्थान की प्रबंधन समिति का सदस्य है और उसे संस्थान में खासा प्रभाव प्राप्त था। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कुछ फैकल्टी मेंबर्स और प्रशासनिक अधिकारी भी इस पूरे मामले में उसकी मदद कर रहे थे। उन्होंने छात्राओं पर दबाव डाला कि वे सरस्वती की “मांगें” मानें।

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16 पीड़िताओं ने दर्ज कराए बयान

पुलिस ने IPC की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया। 16 पीड़िताओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि संस्थान के बेसमेंट में एक वोल्वो कार मिली, जिस पर जाली राजनयिक नंबर प्लेट (39 UN 1) लगी थी। यह गाड़ी कथित तौर पर स्वामी द्वारा इस्तेमाल की जाती थी।

अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं

पुलिस ने 25 अगस्त को एक और FIR दर्ज की और उस गाड़ी को जब्त कर लिया। मगर आरोपी अब तक फरार है। पुलिस की कई छापेमारी और निगरानी गतिविधियों के बावजूद Swami Chaitanyananda Saraswati का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

आखिर कौन है Swami Chaitanyananda Saraswati

स्वयं को “आध्यात्मिक गुरु” बताने वाला यह व्यक्ति न सिर्फ प्रबंधन संस्थान के संचालन में सक्रिय था बल्कि खुद को राजनयिक स्तर का व्यक्ति दिखाने की कोशिश भी कर रहा था। सूत्र बताते हैं कि वह धार्मिक आयोजनों और विदेश यात्राओं के बहाने प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनाता था।

 

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