Zubeen Garg funeral: करनी ऐसी, जग रोया

Zubeen Garg funeral: कबीरा जब हम पैदा भये, जग हँसा हम रोये पर ऐसी करनी कर चलो, हम हंसे और जग रोये। संत कबीरदास का यह प्रसिद्ध दोहा हर किसी पर चरितार्थ नहीं होता। दूसरों के दिल में अपनी अलग जगह बनाना आसान नहीं होता। इसके लिए वाकई अच्छे कर्म करने पड़ते हैं। प्रतिस्पर्धा के दौर में खुद को अलग साबित करना लोहे के चने चबाने जैसा है।
देश में आजकल सिंगर जुबीन गर्ग की खूब चर्चाएं हो रही हैं। सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दरम्यान अचानक तबियत बिगड़ने के बाद वह दुनिया से चले गए। उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश नाकाम रही। जुबीन के आकस्मिक निधन की खबर से उनके फैंस को गहरा धक्का लगा। वह सिर्फ गायक नहीं बल्कि अपने फैंस के लिए मानो भगवान थे। जुबीन गर्ग होने का मतलब क्या होता है, यह असम के माहौल ने पूरी दुनिया को बता दिया।
सिंगापुर से जब उनका पार्थिव शरीर असम पहुंचा ( Zubeen Garg funeral) तो सड़कों पर गम का सैलाब उमड़ पड़ा था।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सोशल मीडिया पर वायरल फोटो ने देश-दुनिया को बताया कि जुबीन गर्ग स्वर के जादूगर थे।
नई दिल्ली में सिंगर के पार्थिव शरीर के सामने घुटनों पर बैठकर सीएम की आंखों से आंसू छलकना इस बात का प्रमाण है कि जुबीन हर आम और खास की जिंदगी में विशेष महत्व रखते थे। अपने पसंदीदा सिंगर को श्रद्धांजलि देने के लिए असम की सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने देशभर को हैरान कर दिया।
How many people gathered in Zubeen Garg’s funeral
आमतौर पर सड़कों पर इस प्रकार की भीड़ सत्ता विरोधी आंदोलन के समय देखने को मिलती है। असम में जुबीन गर्ग किसी नायक से कम नहीं थे। उनके गीतों में ऐसा जादू था, जो हर किसी को अपना दीवाना बना लेता था। उनके प्रशंसक सिर्फ युवा नहीं बल्कि हर उम्र के नागरिक थे। सबसे अच्छी बात यह रही कि जुबीन के प्रशंसकों ने श्रद्धांजलि देते समय अनुशासन का पूरा ख्याल रखा।
सड़कों पर उमड़ा सैलाब नम आंखों से अनुशासित होकर आगे बढ़ता रहा। हालांकि दिवंगत गायक की पत्नी ने भी जुबीन के प्रशंसकों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की थी। असम के गायक की मौत पर असंख्य आंखों का नम होना, यह साबित करता है कि जीवन में दौलत और शोहरत कमाने से ज्यादा महत्वपूर्ण दूसरों के दिलों में अपनी जगह बनाना है।
इस मामले में जुबीन बेहद लकी साबित हुए। वह बेशक दुनिया से चले गए, मगर प्रशंसकों के दिलों से उन्हें दूर करना कतई संभव नहीं है।
जुबीन के असमय निधन से गीत-संगीत जगत में जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। खास बात यह है कि देश के विभिन्न हिस्सों में जो नागरिक जुबीन की लोकप्रियता से अंजान थे, वह भी आज उनके लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
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इस बीच असम सरकार ने दिवंगत सिंगर के शव का पुन: पोस्टमार्टम (Zubeen Garg funeral) कराने का फैसला लिया है। दरअसल सिंगापुर द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में जुबीन की मौत का कारण डूबना बताया गया है। ऐसे में उनकी मौत के असल कारण को लेकर संदेह जाहिर किया गया है। संदेह को दूर करने के लिए सरकार दोबारा पोस्टमार्टम कराने जा रही है।
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कुछ साल पहले दुबई में बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी की भी आकस्मिक मौत हो गई थी। पता चला था कि होटल में नहाते समय टब में डूबने से श्रीदेवी की जान गई थी। श्रीदेवी की मौत को लेकर भी तमाम तरह के सवाल उठाए गए थे।
The legend’s last journey continues through the streets of Guwahati.#BelovedZubeen pic.twitter.com/3zco3uZGk0
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) September 21, 2025



