हवा-हवाई साबित हो रहे स्वच्छता अभियान के दावे, कीचड़ और पानी भरे रास्ते से आने-जाने को मजबूर ग्रामीण

महराजगंज, रायबरेली। एक तरफ ब्लाक अधिकारी स्वच्छता अभियान का दंभ भर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ ग्रामवासी कीचड़ और पानी भरे रास्ते से आवागमन के लिए मजबूर हैं। हम बात कर रहे हैं। क्षेत्र के कुसिहा मजरे पुरासी गांव की जहां पंद्रह वर्षों से खस्ताहाल पड़े खड़ंजे की मरम्मत साथ ही जल निकासी के लिए नालियां न होने से गांव के रास्तों पर कीचड़ युक्त जलभराव हो जाता है। जिससे ग्रामीणों को आने जाने मेंअसुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की सुविधा न होने से बरसात के दिनों में यहां चार महीने तक रास्तों पर जलभराव रहता है।
गांव निवासी सीताराम, मनीष राजपूत, सुमित, कमलेश कुमार, राजकुमार, हीरालाल, कृष्ण कुमार सोनू, अरविंद, शीतलदीन, आदि का कहना है कि लगभग 15 वर्ष से यह खड़ंजा बदहाल स्थिति में है कई बार ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत की गई परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के रास्ते बदहाल है ।
जल निकासी के लिए नाली नहीं है। जिससे रोज स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आने जाने में असुविधा होती है। ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल खड़ंजे की मरम्मत के लिए कई बार ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गंगासागर पांडे से मिलकर मांग की गई किंतु प्रधान प्रतिनिधि की अनदेखी के चलते समस्या जा की टस बनी हुई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि इस बार समय रहते इस खरंजे की मरम्मत न कराई गई तो वह उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।



